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नई दिल्ली। केंद्र सरकार के विशेष स्वच्छता अभियान 6.0 ने इस बार पिछले सभी रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं। केवल 17 दिनों में अभियान ने स्वच्छता स्थलों की संख्या और स्क्रैप से कमाई दोनों में बड़ी छलांग लगाई है।
केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह ने 19 अक्टूबर तक की प्रगति की समीक्षा की। उनके अनुसार 2 अक्टूबर से शुरू हुए इस अभियान में 19 अक्टूबर तक 8 लाख 34 हजार 509 स्वच्छता स्थलों को शामिल किया गया। पिछले साल विशेष अभियान 5.0 में इसी अवधि में केवल 2 लाख 75 हजार 432 स्थल ही शामिल हुए थे। यानी इस बार 3.03 गुना ज्यादा जगहों पर सफाई हुई।
कमाई के मामले में भी बड़ा उछाल
स्क्रैप निपटान से सरकार को 491.28 करोड़ रुपये का राजस्व मिला है। पिछले साल इसी अवधि में यह आंकड़ा 304.72 करोड़ रुपये था। इस तरह 1.61 गुना ज्यादा कमाई हुई। साथ ही सरकारी कार्यालयों में 116 लाख वर्ग फुट जगह खाली कराई गई है जो पिछले साल 113.12 लाख वर्ग फुट थी।
डीएआरपीजी ने खुद की एक मंजिल खाली कराई
प्रशासनिक सुधार और लोक शिकायत विभाग ने अपने कार्यालय परिसर की एक मंजिल पर 1200 वर्ग फुट जगह खाली कराकर मिसाल पेश की है। मंत्री ने कहा कि जगह का उपयोग वास्तविक जरूरत के हिसाब से होना चाहिए।
सबसे आगे कौन
रिपोर्ट के अनुसार स्कूल शिक्षा और साक्षरता विभाग ने सबसे ज्यादा 4 लाख 15 हजार 353 स्थलों पर सफाई कराई। रेल मंत्रालय ने स्क्रैप बेचकर 425.06 करोड़ रुपये जुटाए जो कुल कमाई का बड़ा हिस्सा है।
अभियान का दायरा बढ़ा
मंत्री जितेंद्र सिंह ने बताया कि अभियान अब केवल फाइल निपटान तक सीमित नहीं है। इसमें इलेक्ट्रॉनिक फाइलों की समीक्षा, ई-कचरा प्रबंधन, पुराने सामान का निपटान, रिसाइक्लिंग और प्रयुक्त कुकिंग ऑयल व प्लास्टिक के पुनः उपयोग जैसी तकनीकों पर भी काम हो रहा है।
उन्होंने सभी सचिवों से अपील की कि वे क्षेत्रीय कार्यालयों तक अभियान पहुंचाएं और एक दिवसीय विशेष स्वच्छता अभियान चलाएं। सफल मॉडलों को अन्य मंत्रालयों के साथ साझा करने को भी कहा गया ताकि सभी विभाग सीख सकें।
यह अभियान 31 अक्टूबर तक चलेगा। इसका मुख्य उद्देश्य लंबित मामलों का निपटारा, जन शिकायतों का समाधान और कार्यालयों को अधिक स्वच्छ और उपयोगी बनाना है।
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