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भोपाल।मध्यप्रदेश सरकार के फ्लैगशिप कार्यक्रम मुख्यमंत्री जन विश्वास अभियान को लेकर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने सख्त रुख अपनाया है। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट कहा है कि यह अभियान सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता में है और इस दौरान कोई भी अधिकारी मुख्यालय में नहीं बैठेगा, सभी को फील्ड में रहना ही होगा।
बुधवार को मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए प्रदेश के सभी कलेक्टर-कमिश्नर और एसपी-आईजी की समीक्षा बैठक ली। बैठक में उन्होंने चेतावनी भरे लहजे में कहा कि अब वे स्वयं बिना किसी पूर्व सूचना के आकस्मिक रूप से किसी भी जिले में उतरकर जन विश्वास अभियान की जमीनी हकीकत परखेंगे। जिन जिलों में जनसमस्याओं के निराकरण में लापरवाही मिली, वहां के जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई होगी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि जन विश्वास अभियान का मकसद ही जनता की समस्याओं का त्वरित और मौके पर निराकरण करना है। इसलिए सभी अधिकारी इस दिन अनिवार्य रूप से फील्ड में रहकर अधिकतम शिकायतों का समाधान मौके पर ही करें। जिन जिलों में पेंडेंसी ज्यादा है, वहां के कलेक्टर विशेष अभियान चलाकर लंबित प्रकरणों को न्यूनतम स्तर पर लाएं।
*पांच विभागों को सुधार के निर्देश, मुख्य सचिव ने भी लगाई फटकार*
बैठक में बताया गया कि सीएम हेल्पलाइन में सबसे ज्यादा लंबित शिकायतें पांच विभागों की हैं - राजस्व विभाग, महिला एवं बाल विकास विभाग, खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग, लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा विभाग और लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी (PHE) विभाग। मुख्यमंत्री ने इन विभागों के वरिष्ठ अधिकारियों को तत्काल अपनी कार्यप्रणाली में सुधार लाने के निर्देश दिए।
मुख्य सचिव अशोक बर्णवाल ने भी कलेक्टरों को फटकार लगाते हुए कहा कि यह देखने में आ रहा है कि कुछ कलेक्टर इस अभियान को गंभीरता से नहीं ले रहे हैं, जो बेहद आपत्तिजनक है। सभी कलेक्टर अपने प्रदर्शन में तुरंत सुधार लाएं।
*स्वामित्व योजना: 49 लाख के लक्ष्य में 1.60 लाख रजिस्ट्री, टॉप-3 अफसर सम्मानित*
मुख्यमंत्री ने स्वामित्व अधिकार अभिलेख निष्पादन एवं पंजीयन-2026 योजना की भी समीक्षा की। इस योजना के तहत पात्र हितग्राहियों को स्वामित्व से सम्मान देते हुए नि:शुल्क रजिस्ट्री दी जा रही है। 21 अक्टूबर तक 49 लाख 48 हजार 980 प्लॉट्स के लक्ष्य के विरुद्ध 1 लाख 60 हजार 230 नि:शुल्क रजिस्ट्रियां पूरी हो चुकी हैं।
अच्छा काम करने पर मुख्यमंत्री ने टॉप-3 उप-पंजीयकों - तहसीलदार रीवा राजेश तिवारी, तहसीलदार छिंदवाड़ा संजय मसराम और तहसीलदार शिवपुरी रणजीत कुशवाह और टॉप-3 पटवारियों - केवलारी सिवनी के जितेंद्र शुक्ला, मुंगावली अशोकनगर के वीरेंद्र सिंह नरवरिया और डबरा ग्वालियर के रूप सिंह यादव की सराहना की। वहीं शून्य प्रगति वाले हल्कों पर रीवा, शहडोल और धार कलेक्टर को सख्त निर्देश दिए गए। मुख्य सचिव ने 10 सबसे कम प्रगति वाले जिलों के कलेक्टरों पर भी नाराजगी जताई।
*कम बारिश वाले 12 जिलों के लिए विशेष कार्ययोजना*
प्रदेश में इस साल औसत 949 मिलीमीटर के मुकाबले 908.4 मिलीमीटर बारिश हुई है, यानी 4 प्रतिशत कम। 34 जिलों में सामान्य बारिश हुई है, लेकिन 12 जिलों - आलीराजपुर, धार, झाबुआ, रतलाम, नर्मदापुरम, हरदा, बैतूल, इंदौर, उज्जैन, पांढुर्णा, शाजापुर, छिंदवाड़ा में सामान्य से 19 प्रतिशत से भी कम बारिश हुई है। मुख्यमंत्री ने इन जिलों के कलेक्टरों को खेती, पेयजल, सिंचाई और पशुओं के चारे-पानी के लिए विशेष कार्ययोजना बनाने के निर्देश दिए।
*दीपावली से पहले सड़कें सुधारें, 1 नवंबर को भव्य होगा स्थापना दिवस*
मुख्यमंत्री ने कहा कि बारिश से क्षतिग्रस्त सड़कों, पुल-पुलियों की मरम्मत दीपावली से पहले पूरी कर ली जाए। नगरीय निकायों के अधूरे निर्माण कार्य भी तेजी से पूरे हों।
1 नवंबर को भोपाल के लाल परेड ग्राउंड में मध्यप्रदेश स्थापना दिवस समारोह भव्य रूप से मनाया जाएगा, जिसमें कृषि पर केंद्रित प्रदर्शनी लगेगी और बॉलीवुड गायिका मोनाली ठाकुर प्रस्तुति देंगी।
गोवर्धन पूजा पर प्रदेश के 208 वृंदावन ग्रामों में सर्वश्रेष्ठ पशुपालकों को गोपाल कृष्ण ग्राम पुरस्कार दिया जाएगा। पहले स्थान पर 1 लाख, दूसरे पर 50 हजार और तीसरे पर 25 हजार रुपये का इनाम मिलेगा। कुल 624 पुरस्कार दिए जाएंगे।
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