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मंत्री संदीप सिंह और महिला कोच ने दर्ज नहीं करवाए बयान
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चंडीगढ़। महिला कोच के छेड़छाड़ का आरोप लगाए जाने के बाद हरियाणा के डीजीपी को शिकायत करने वाले राज्य मंत्री संदीप सिंह ने दो माह के भीतर एक बार भी हरियाणा पुलिस की फैक्ट फाइंडिंग कमेटी के समक्ष पेश होकर अपने बयान नहीं दर्ज करवाए, जबकि इस कमेटी का गठन संदीप सिंह की शिकायत पर ही किया गया था।

यही नहीं संदीप सिंह पर यौन उत्पीड़न का आरोप लगाने वाली महिला कोच भी इस कमेटी के सामने पेश नहीं हुई। इसके चलते मंगलवार को कमेटी ने कागजी कार्रवाई पूरी करने के बाद अपनी रिपोर्ट गृहमंत्री अनिल विज को सौंप दी।

इस रिपोर्ट में किसी तरह की सिफारिश नहीं की गई है। अलबत्ता कमेटी ने यह कहकर पूरे मामले को निपटा दिया है कि इस केस में चंडीगढ़ पुलिस की एसआईटी जांच कर रही है, इसलिए फैक्ट फाइंडिंग कमेटी का कोई औचित्य नहीं है।

 

पूर्व खेल मंत्री संदीप सिंह पर जब उनके ही विभाग की एक जूनियर महिला कोच ने छेड़छाड़ करने के आरोप लगाए थे, तब हरियाणा सरकार के आदेशों पर डीजीपी पीके अग्रवाल ने रोहतक आईजी और एडीजीपी ममता सिंह की अध्यक्षता में फैक्ट फाइंडिंग कमेटी का गठन किया था।

 

इस जांच के लिए खुद संदीप सिंह ने ही आग्रह किया था ताकि पूरे मामले की सच्चाई सामने आ सके। चूंकि छेड़छाड़ का घटनाक्रम चंडीगढ़ का बताया गया, इसलिए यूटी पुलिस ने इस मामले में संदीप सिंह के खिलाफ विभिन्न धाराओं के तहत केस दर्ज किया। पीडि़त के वकील ने भी हरियाणा सरकार की बनाई गई कमेटी पर सवाल उठाए थे। उनकी दलील थी कि जब यूटी पुलिस की एसआईटी जांच कर रही है और क्राइम चंडीगढ़ में हुआ है तो फिर हरियाणा पुलिस कैसे जांच कर सकती है।

 

सूत्रों का कहना है कि ममता सिंह की अध्यक्षता वाली कमेटी ने अपनी रिपोर्ट में साफ कहा है कि उनके पास किसी भी पक्ष की ओर से बयान दर्ज नहीं करवाए गए। न तो संदीप सिंह ने ही बयान दिए और न ही महिला कोच कमेटी के पास गई।

 

इसके बावजूद कमेटी ने संदीप सिंह और पीडि़त के मीडिया में दिए गए आडियो-वीडियो बयानों को अपनी रिपोर्ट में स्टेटमेंट के रूप में शामिल किया है। दूसरी तरफ चंडीगढ़ पुलिस की एसआईटी संदीप सिंह और शिकायतकर्ता के बयान कलबद्ध कर चुकी है। पीडि़त और उसके परिजनों के बार-बार संदीप सिंह को गिरफ्तार करने की भी मांग की जा रही है। फिलहाल यूटी पुलिस मामले की जांच कर रही है।

MadhyaBharat 28 February 2023

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