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दुनिया के किसी भी कोने में फंसे भारतीयों की मदद मोदी सरकार का दायित्व:डॉ. एस जयशंकर
varansi,  Modi government ,Dr. S Jaishankar

वाराणसी। विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर ने रविवार को यहां 9 साल के मोदी सरकार में हुए सेवा, सुशासन और गरीब कल्याण से संबंधित भारतीय विदेश नीति की 9 उपलब्धियों को साझा किया। उन्होंने कहा कि काशी,जापान और भारतीय विदेश नीति का सबका एक कनेक्शन है। मोदी सरकार के 09 साल के कार्यकाल में बड़ा परिवर्तन आया है। हर क्षेत्र में परिवर्तन आया है। विदेश मंत्री महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ के गांधी अध्ययनपीठ सभागार में आयोजित भारतीय विदेश नीति'उद्देश्य एवं विशेषताएं विषयक संगोष्ठी में विद्यार्थियों और प्रबुद्धजनों को सम्बोधित कर रहे थे।

विदेश मंत्री ने संगोष्ठी में रूस और यूक्रेन के बीच उपजे हालात और यूक्रेन में फंसे भारतीय छात्रों का खास तौर पर जिक्र किया। विदेश मंत्री ने कहा कि पिछले साल यूक्रेन में जब युद्ध शुरू हुआ तो वहां हमारे करीब 20 हजार भारतीय विद्यार्थी फंसे हुए थे। वंदे भारत मिशन के तहत हम सब लोगों को वापस ले आए। कुछ हफ्ते पहले ऐसे ही हालात सूडान में रहे। सूडान में करीब हमारे पांच हजार भारतीय नागरिक श्रमिक युद्ध के बीच फंस गए थे। इन नागरिकों को हम ऑपरेशन कावेरी के तहत वापस भारत लेकर आए। विदेश मंत्री ने कहा कि दुनिया के किसी भी कोने में फंसे भारतीयों की मदद मोदी सरकार का दायित्व है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का कहना है कि कोई भी देश का व्यक्ति जो बाहर किसी देश में फंसा है, हमें उन्हें वहां छोड़ना नहीं है, उन्हें विश्वास होना चाहिए कि कुछ भी हो, भारत सरकार उन्हें बचाने आएगी। वायुसेना के साथ-साथ सभी एयरलाइंस से मदद लेकर अब तक मुश्किल में फंसे भारतीयों को हम अपने देश में वापस लाए हैं। कार्यक्रम में प्रबुद्ध जनों और भाजपा कार्यकर्ताओं ने भारत सरकार की विदेश नीति के बारे में विदेश मंत्री से सवाल भी पूछे।

कार्यक्रम के बाद विदेश मंत्री ने पत्रकारों से बातचीत के दौरान कहा कि काशी में जी-20 सम्मेलन प्रारंभ हो रहा है। जी-20 सम्मेलन कार्यक्रम सफल होगा। विदेश मंत्री ने प्रदेश सरकार का आभार जताते हुए कहा कि सीएम योगी आदित्यनाथ और यहां के शासन का आभार प्रकट करता हूं कि जी -20 का कार्यक्रम सफल होगा।

गौरतलब है कि विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर काशी में रविवार से आयोजित जी-20 देशों के विकास मंत्रियों की बैठक की अध्यक्षता करेंगे। जी-20 सम्मेलन की औपचारिक शुरुआत मेहमानों के रात्रिभोज से होगी। नदेसर स्थित तारांकित होटल में प्रदेश के मुख्यमंत्री मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ व विदेश मंत्री एस. जयशंकर की अगुवाई में आयोजित रात्रिभोज में जी-20 देशों के विकास मंत्रियों के साथ मंत्री व सचिव स्तर के अफसरों का प्रतिनिधिमंडल भी शामिल होगा। 12 जून सोमवार को बड़ालालपुर स्थित पं. दीनदयाल उपाध्याय हस्तकला संकुल सभागार में सुबह 9 बजे से शाम 5.15 बजे तक दो सत्रों में बैठक होगी।

उद्घाटन सत्र को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी वर्चुअल संबोधित करेंगे। इसके बाद भारतीय विदेश मंत्री अंतरराष्ट्रीय कूटनीतिक सम्बंधों को विस्तार व मजबूत करने पर जोर देंगे। दो सत्रों में आयोजित इस बैठक में विकास की सतत प्रणाली और हरित विकास में बढ़ती चुनौतियां पर मंथन होगा। इसके साथ ही आर्थिक मंदी, ऋण संकट, जलवायु परिवर्तन के प्रभाव, प्रदूषण और जैव विविधता के नुकसान, बढ़ती गरीबी और असमानता, खाद्य और ऊर्जा असुरक्षा, जीवन-यापन के संकट, वैश्विक आपूर्ति व खाद्य शृंखला और अंतरराष्ट्रीय सीमाओं पर तनाव के भी मुद्दे उठाये जाएंगे। बैठक में सामूहिक प्रयासों से विकास, पर्यावरण और जलवायु एजेंडे के बीच तालमेल को बढ़ावा देने आदि पर भी चर्चा होगी।

MadhyaBharat 11 June 2023

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