Since: 23-09-2009
अहमदाबाद। मोदी सरनेम मामले में कांग्रेस नेता राहुल गांधी को मिली मानहानि की सजा बरकरार रहेगी। गुजरात हाई कोर्ट ने शुक्रवार को अपने फैसले में निचली अदालत के दो साल की सजा के फैसले को बरकरार रखा। हाई कोर्ट ने राहुल की पुनर्विचार याचिका कर दी।
सूरत सेशन कोर्ट ने 23 मार्च 2023 को राहुल गांधी को दोषी करार देते हुए दो साल की सजा सुनाई थी। इसके बाद राहुल गांधी की लोकसभा सदस्यता रद्द कर दी गई थी। इस फैसले के खिलाफ 25 अप्रैल, 2023 को राहुल गांधी ने गुजरात हाई कोर्ट में पुनर्विचार याचिका दायर की थी। दो मई को गुजरात हाई कोर्ट ने फैसला सुरक्षित रख लिया था। आज के फैसले पर कांग्रेस ने कहा है कि वह सुप्रीम कोर्ट में अपील करेगी। पार्टी नेता अमित चावड़ा ने कहा कि राहुल गांधी जनता की आवाज बनकर उभरे हैं। तानाशाही तरीके से उनकी आवाज दबाने की कोशिश की गई है।
यह है पूरा मामलाः 2019 में कर्नाटक के कोलर में चुनाव रैली में राहुल गांधी ने कहा था कि सभी चोरों के उपनाम मोदी क्यों होते हैं। राहुल गांधी ने कहा कि "नीरव मोदी, ललित मोदी, नरेंद्र मोदी का सरनेम कॉमन क्यों है? सभी चोरों का सरनेम मोदी क्यों होता है?' इस टिप्पणी के खिलाफ गुजरात भाजपा के विधायक और पूर्व मंत्री पूर्णेश मोदी ने सूरत सेशन कोर्ट में याचिका दायर कर दी। इसी मामले में सूरत कोर्ट ने राहुल गांधी को मानहानि मामले में दोषी करार देते हुए दो साल की सजा सुनाई थी।
MadhyaBharat
|
All Rights Reserved ©2026 MadhyaBharat News.
Created By:
Medha Innovation & Development |