Since: 23-09-2009

  Latest News :
सीएम योगी बोले- जीरो टॉलरेंस, अपराधियों में अब कोई अपना-पराया नहीं.   संसद सत्र- NDA संसदीय दल की बैठक.   ‘घोटाले की फाइल मेरे पास थी, 10 दिन में मौत’, संजय राउत के बयान से महाराष्ट्र की सियासत गरम.   बीएमसी चुनाव में मनसे की करारी हार, राज ठाकरे ने कार्यकर्ताओं को दिया सख्त संदेश.   लोकसभा में हंगामा: राहुल गांधी के ‘चीनी टैंक’ दावे पर सदन बार-बार स्थगित.   एनसीपी के दोनों गुटों के विलय पर सस्पेंस बरकरार, शरद पवार मुंबई रवाना.   90 लाख रुपये की चोरी का खुलासा, सोना-चांदी कचरे में छुपाया गया.   सिंहस्थ के लिए मेला स्पेशल ट्रेन, इंदौर को मिलेंगी वंदे भारत एक्सप्रेस.   ब्राह्मणों पर पूर्व अपर मुख्य सचिव का बयान, सोशल मीडिया से सियासत तक हलचल.   एमपी बजट 2026 की तैयारी तेज, फिजूलखर्ची पर लगेगा सख्त ब्रेक.   रेल बजट 2026: मध्यप्रदेश को 15,185 करोड़ की सौगात, सिंहस्थ के लिए विशेष पैकेज.   उज्जैन में बनेगा अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट, 300 एकड़ से ज्यादा जमीन होगी अधिग्रहित.   सरकारी-निजी अस्पतालों को भुगतान न मिलने से कैशलेस सुविधा बंद होने की आशंका.   नए रेल प्रोजेक्ट्स से आदिवासी अंचल और उद्योगों को मिलेगा बड़ा लाभ.   धान उठाव में सुस्ती सरकार पर सवाल.   कोरबा में आधी रात दुकान में भीषण आग: मून बिरयानी सेंटर जलकर खाक, बड़ा हादसा टला.   रायगढ़ में देह व्यापार का भंडाफोड़: केलो विहार के किराये के मकान पर छापा, दो आरोपी गिरफ्तार.   कोरबा में सीएम विष्णु देव साय का दौरा: अटल स्मृति भवन का भूमि पूजन, युवा कांग्रेस का विरोध.  
पहला सर्वेक्षण पोत 'संध्याक' नौसेना के बेड़े में शामिल
new delhi, First survey ship ,

नई दिल्ली। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और नौसेना प्रमुख एडमिरल आर हरि कुमार की मौजूदगी में शनिवार को सर्वेक्षण पोत 'संध्याक' औपचारिक तौर पर नौसेना के बेड़े में शामिल कर लिया गया। नौसेना के बेड़े में इसे शामिल किया जाना हिंद महासागर क्षेत्र में भारत की समुद्री ताकत बढ़ाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। इसका उपयोग हाइड्रोग्राफी सर्वेक्षण में किया जाएगा जैसे चीनी नौसेना भारत और अन्य के निकट महासागर में करती है।

 

रक्षा मंत्रालय ने गार्डन रीच शिपबिल्डर्स एंड इंजीनियर्स लिमिटेड (जीआरएसई) के साथ 30 अक्टूबर, 2018 को 2435 करोड़ रुपये की कुल लागत से चार सर्वेक्षण पोतों (लार्ज) का निर्माण करने के लिए अनुबंध पर हस्ताक्षर किये थे। इन पोतों को इंडियन रजिस्टर ऑफ शिपिंग क्लासिफिकेशन सोसायटी के नियमों के अनुसार डिजाइन और निर्मित किया गया है। इस पोत की प्राथमिक भूमिका बंदरगाह तक पहुंचने वाले मार्गों का सम्पूर्ण तटीय और डीप-वॉटर हाइड्रोग्राफिक सर्वेक्षण करना और नौवहन मार्गों का निर्धारण करना होगी। इसके परिचालन क्षेत्र में ईईजेड, एक्सटेंडेड कॉन्टिनेंटल शेल्फ तक की समुद्री सीमाएं शामिल हैं। ये पोत रक्षा और नागरिक अनुप्रयोगों के लिए समुद्र विज्ञान और भूभौतिकीय डेटा भी एकत्र करेंगे।

 

इन पोतों की दूसरी भूमिका युद्ध या आपातकालीन स्थिति के दौरान अस्पताल के रूप में कार्य करने की होगी। लगभग 3400 टन के विस्थापन के साथ 110 मीटर लंबा और 16 मीटर चौड़ा 'संध्याक' अत्याधुनिक हाइड्रोग्राफिक उपकरणों जैसे डेटा अधिग्रहण और प्रसंस्करण प्रणाली, स्वायत्त अंडरवाटर वाहन, रिमोट चालित वाहन, डीजीपीएस लॉन्ग रेंज पोजिशनिंग सिस्टम, डिजिटल साइड स्कैन सोनार से लैस है। दो डीजल इंजनों से संचालित यह पोत 18 समुद्री मील से अधिक की गति से चलने में सक्षम है। ये जहाज मौजूदा संध्याक श्रेणी के सर्वेक्षण जहाजों की जगह लेंगे, जो समुद्र विज्ञान और भूभौतिकीय डेटा एकत्र करने के लिए नई पीढ़ी के हाइड्रोग्राफिक उपकरणों से लैस हैं।

 

इस प्रोजेक्ट का पहला सर्वेक्षण जहाज 'संध्याक' (यार्ड 3025) जीआरएसई ने बनाया है, जबकि शेष तीन जहाजों के निर्माण की परिकल्पना एलएंडटी शिपबिल्डिंग, कट्टुपल्ली में की गई है। इस पोत के निर्माण की प्रक्रिया 12 मार्च, 2019 को शुरू हुई और इस पोत को 05 दिसंबर, 2021 को लॉन्च किया गया। बंदरगाह और समुद्र में व्यापक परीक्षणों से गुजरने के बाद पिछले साल 04 दिसंबर को इसे भारतीय नौसेना को सौंपा गया था। संध्याक का निर्माण 80 प्रतिशत से अधिक स्वदेशी सामग्री के साथ किया गया है। इस परियोजना का संचालन भारतीय नौसेना के युद्धपोत डिजाइन ब्यूरो ने किया है।

MadhyaBharat 3 February 2024

Comments

Be First To Comment....
Video

Page Views

  • Last day : 8641
  • Last 7 days : 45219
  • Last 30 days : 64212


x
This website is using cookies. More info. Accept
All Rights Reserved ©2026 MadhyaBharat News.