Since: 23-09-2009
रायपुर। उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने नगरीय निकायों में वित्तीय अनुशासन में कसावट लाने सभी आय एवं व्ययों के प्री-ऑडिट के निर्देश दिए हैं।
उन्होंने पिछली सरकार द्वारा ऑडिट प्रक्रिया बंद कर दिए जाने के कारण ऑडिट से रह गए विगत चार वर्षों की नस्तियों के पोस्ट ऑडिट कराने के भी निर्देश दिए हैं। उन्होंने प्रदेश की सभी 184 नगरीय निकायों के साथ ही नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग के यांत्रिकी प्रकोष्ठ तथा राज्य शहरी विकास अभिकरण (SUDA) का भी ऑडिट कराने को कहा है।
उप मुख्यमंत्री श्री साव ने नगरीय निकायों में कड़े वित्तीय अनुशासन के लिए प्री-अंकेक्षण-सह-आंतरिक अंकेक्षण की प्रक्रिया को पुनः प्रारंभ करने के निर्देश दिए हैं। उनके निर्देश पर सभी 184 नगरीय निकायों तथा दो राज्य कार्यालयों, नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग के यांत्रिकी प्रकोष्ठ और सूडा को भी प्री-अंकेक्षण-सह-आंतरिक अंकेक्षण एवं वैधानिक दायित्व के परिपालन के दायरे में लाते हुए सूडा द्वारा कार्ययोजना तैयार की जा रही है।
उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने प्री-अंकेक्षण-सह-आंतरिक अंकेक्षण की जरूरत को रेखांकित करते हुए कहा कि नगरीय निकायों में अंकेक्षण प्रारंभ होने से सभी भुगतान नस्तियों का परीक्षण प्री-ऑडिट के माध्यम से सीए फर्म द्वारा किया जाएगा। इससे भुगतान संबंधी सभी नियमों का परिपालन सुनिश्चित होगा। उन्होंने कहा कि अंकेक्षण प्रारंभ होने के बाद पूर्ववर्ती सरकार द्वारा ऑडिट बंद किए जाने के बाद की समस्त नस्तियों का नवीन सीए फर्म की नियुक्ति के बाद पोस्ट ऑडिट कराया जाएगा।
MadhyaBharat
|
All Rights Reserved ©2026 MadhyaBharat News.
Created By:
Medha Innovation & Development |