Since: 23-09-2009

  Latest News :
लखीसराय में अशोकधाम मंदिर के बाहर भगदड़, 7 महिलाओं की मौत.   तारापीठ के होटल में भीषण आग, 7 श्रद्धालुओं की मौत; 9 घायल.   PM मोदी बोले- नक्सलवाद कमजोर पड़ा, अब ‘दिमागी नक्सलियों’ को पहचानकर अलग करना होगा.   भागवत बोले- युवाओं को सही दिशा मिली तो देश को होगा फायदा, वरना बढ़ सकता है सामाजिक बोझ.   यूपी में 75 जिलों में बारिश का अलर्ट, 11 नदियां उफान पर; MP के 12 जिलों में भारी बारिश की चेतावनी.   जनगणना-2027 में पहली बार सभी जातियों की जानकारी होगी, 40 सवाल पूछे जाएंगे.   महाकाल मंदिर में उमड़ा आस्था का सैलाब, डेढ़ लाख श्रद्धालुओं ने किए दर्शन.   बीजेपी की नई राष्ट्रीय टीम का जल्द ऐलान संभव, MP से 7 नेताओं के नाम चर्चा में.   नागपंचमी पर खुले नागचंद्रेश्वर मंदिर के पट, 24 घंटे होंगे दर्शन.   2027 होगा युवा वर्ष, हर साल 1 लाख रोजगार पर फोकस; CM मोहन यादव ने MP के विकास का रोडमैप पेश किया.   उज्जैन में बनेगा नमो घाट, 182 फीट ऊंची होगी भगवान कृष्ण की कांस्य प्रतिमा; 244 करोड़ का टेंडर जारी.   भोपाल नगर निगम की बैठक 19 अगस्त को, खाली बिल्डिंग किराए पर देने का प्रस्ताव.   सरकारी स्कूलों की बदहाली पर Gen-Alpha की आवाज बुलंद, तालाबंदी से मार्च तक विरोध.   नवंबर से बंद DSA मशीन, आंबेडकर अस्पताल में हर महीने 75-80 मरीजों का इलाज प्रभावित.   रामगोपाल अग्रवाल से ED की पूछताछ, टुटेजा-ढेबर-त्रिपाठी कनेक्शन पर सवाल.   छत्तीसगढ़ में अग्निवीरों को पुलिस भर्ती में 10% आरक्षण, AI मिशन के लिए 500 करोड़.   कोसा साड़ी पहनकर रैंप पर उतरीं सरेंडर महिला नक्सली, हिंसा छोड़ हुनर से बनाई नई पहचान.   छत्तीसगढ़ के स्वतंत्रता सेनानियों के परिवार आज भी संघर्ष में.  
सूरत में ट्रेन को बेपटरी करने के षड्यंत्र में रेलकर्मी ही आरोपित
surat,Railway workers , conspiracy to derail train

सूरत । गुजरात में सूरत के कीम-कोसंबा के बीच शनिवार को ट्रेन को बेपटरी करने की जिस साजिश को नाकाम कर दिया गया था, उस मामले में रेलवे का एक कर्मचारी ही षड्यंत्रकारी है। यह बड़ा खुलासा जांच एजेंसियों की गहन छानबीन में हुआ है।

 

 

 

आरोपित कर्मचारी ने अपनी सतर्कता दर्शाने और पदोन्नति हासिल करने के लिए इस घटना को अंजाम दिया। घटना की सर्वप्रथम जानकारी देने वाला यही कर्मचारी सुभाष पोद्दार ही था। पुलिस को शंका तब हुई, जब 71 पेडलॉक निकालने की घटना कुछ ही सीमित समय के अंदर की गई थी। सामान्य व्यक्ति के लिए इतने कम समय में 71 पेडलॉक निकालना मुमकिन नहीं था।

 

 

 

दरअसल, 21 सितम्बर को तड़के सूरत के कीम-कोसंबा के बीच बड़ी रेल दुर्घटना की साजिश को नाकाम कर दिया गया था। इस घटना में कीम खाड़ी पर 21 सितम्बर को तड़के अप लाइन पर रेलवे ट्रैक की 71 पेडलॉक (इलास्टिक रेल क्लिप) और 2 जोगस फिश प्लेट निकाल दी गई थीं। घटना की जानकारी होते ही स्टेशन मास्टर ने तत्काल ही ट्रेन को कोसंबा रेलवे स्टेशन पर रोकने की हिदायत दी। पेट्रोलिंग करने वाले सुभाष पोद्दार ने सबसे पहले घटना के संबंध में जानकारी दी थी। बाद में उसने जांच टीम को भी रेलवे ट्रैक के पास तीन लोगों की चहल-पहल की बात कहकर गुमराह करने की कोशिश की थी। घटना की गंभीरता को देखते हुए केन्द्रीय और स्थानीय सभी जांच एजेंसियों ने जांच शुरू की। गृह मंत्रालय की भी इस घटना पर नजर बनी हुई है। सूरत ग्रामीण पुलिस सूत्रों और रेलवे सूत्रों के अनुसार रेलवे की इस घटना काे सबसे पहले देखने वाला रेलकर्मी सुभाष पोद्दार ही था। अपनी सतर्कता दिखाकर प्रमोशन लेने के लिए आरोपित ने रेलवे ट्रैक की फिश प्लेट ही खोल दी। घटना की जानकारी मिलने से पहले तीन ट्रेन इसी ट्रैक से गुजर चुकी थीं लेकिन लोको पायलट को किसी तरह की संदिग्ध वस्तु ट्रैक पर दिखाई नहीं दी। अन्य किसी के फुट प्रिंट भी घटनास्थल पर नहीं मिले थे।

 

 

 

एनआईए भी कर रही थी जांच

 

रेलवे की इस गंभीर घटना की जांच में नेशनल इन्वेस्टिगेशन टीम (एनआईए) भी जुड़ गई थी। एनआईए को सबसे पहले शंका सुभाष पोद्दार पर ही हुई थी। इसकी बड़ी वजह थी कि 71 पेडलॉक कोई सामान्य व्यक्ति इतने कम समय में नहीं खोल सकता था। इस वजह से एनआईए को शंका थी कि सुभाष उन्हें गलत जानकारी दे रहा है। जानकारी के अनुसार रेलवे की ओर से एक्सीडेंट एवर्टेड अवार्ड दिया जाता है। रेलवे की दुर्घटना को रोकने से सोशल मीडिया पर प्रसिद्धि मिलने के साथ ही रेलवे की ओर से खूब वाहवाही और इनाम भी मिलता है। बताया जा रहा है कि इसी प्रलोभन में सुभाष पोद्दार ने इस घटना को अंजाम दिया।

 

 

 

फिलहाल, एटीएस और एनआईए इस घटना की जांच कर रही हैं। सूरत एलसीबी और एसओजी ने जिले से तीन लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ किया है। पुलिस अधीक्षक हितेश जोयसर के अनुसार 140 पुलिसकर्मियों की टीम बनाकर जांच की जा रही है। ड्रोन की भी मदद ली गई है। आरोपित तकनीकी जानकार है। आरोपित ने रेलवे के साधन तोड़ने के बजाय उन्हें निकाल दिया। रेलवे अधिकारी के अनुसार 71 पेडलॉक खोलने में लगभग दो घंटे का समय लगता है। इसलिए यह शंका है कि यह एक के बाद एक करके खोला गया होगा। इस दौरान कुछ ट्रेन इस ट्रैक से गुजरी होंगी। षडयंत्र की सबसे महत्वपूर्ण प्लेट सुबह 5.20 बजे खोली गई, जिसके बाद उसे पटरी पर रखा गया था।

MadhyaBharat 23 September 2024

Comments

Be First To Comment....
Video

Page Views

  • Last day : 8641
  • Last 7 days : 45219
  • Last 30 days : 64212


x
This website is using cookies. More info. Accept
All Rights Reserved ©2026 MadhyaBharat News.