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नई दिल्ली । संसद के सोमवार से शुरू होने जा रहे हैं शीतकालीन सत्र से एक दिन पूर्व आज सरकार द्वारा सर्वदलीय बैठक बुलाई गई। इस दौरान विपक्ष ने कुछ मांगें और सुझाव सरकार के समक्ष रखें। वहीं सरकार की ओर से आश्वासन दिया गया कि राज्यसभा के सभापति, लोकसभा के अध्यक्ष और कार्यमंत्रणा समिति के समक्ष इन्हें रखा जाएगा और उन पर उचित निर्णय लिया जाएगा।
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह की अध्यक्षता में संसद भवन में आयोजित सर्वदलीय बैठक में 30 राजनीतिक दलों के 42 नेताओं ने भाग लिया। सर्वदलीय बैठक के बाद संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने बताया कि बैठक साैहार्दपूर्ण माहौल में हुई और सरकार ने विपक्ष की मांगों और सुझावों को ध्यानपूर्वक सुना। सरकार विपक्ष के सभी मुद्दों पर चर्चा के लिए तैयार हैं, हम केवल इतना चाहते हैं कि सदन सुचारु रूप से चले।
बैठक में अडानी समूह से जुड़े मामले, मणिपुर में पिछले डेढ़ साल से जारी हिंसा और वक्फ संशोधन विधेयक का भी मुद्दा विपक्ष की ओर से उठाया गया। बैठक में शामिल नेताओं ने कहा कि सरकार वक्फ विधेयक लाने की बात कर रही है लेकिन अभी तक इसका मसाैदा तैयार नहीं हुआ है।
आम आदमी पार्टी के सांसद संजय सिंह ने कहा कि वक्फ बिल पर उन्होंने यह मुद्दा उठाया कि अगर जेपीसी की रिपोर्ट अभी तक नहीं आई है तो सरकार कैसे कह सकती है कि हम वक्फ बिल लागू करेंगे। संसद में इस दौरान कई क्षेत्रीय दलों ने अपने राज्यों से जुड़े मुद्दे भी उठाए।
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