Since: 23-09-2009

  Latest News :
एअर इंडिया और इंडिगो के विमानों में बार-बार तकनीकी खराबी.   मणिपुर में नए डिप्टी सीएम के खिलाफ हिंसा: चुराचांदपुर में प्रदर्शन उग्र,.   परीक्षा पे चर्चा 2026: पीएम मोदी का छात्रों को खास संदेश.   तेल खरीद पर भारत का साफ संदेश, रूस-वेनेजुएला पर फैसला हालात देखकर.   सेवा में रहते दोबारा परीक्षा पर रोक रैंक सुधारने का मौका सिर्फ एक बार.   लोकसभा में हंगामे के बीच टला पीएम का संबोधन .   मध्य प्रदेश में ग्राम पंचायत स्तर तक पहुंचेगा एमएसएमई.   महाशिवरात्रि पर ओंकारेश्वर में 24 घंटे दर्शन: फूलों से सजेगा ज्योतिर्लिंग.   इंदौर एलिवेटेड कॉरिडोर पर हाई कोर्ट सख्त.   समर शेड्यूल में झटका: इंदौर से नासिक और उदयपुर की फ्लाइट बंद.   भोपाल में ‘घूसखोर पंडित’ फिल्म के विरोध में ब्राह्मण समाज ने किया प्रदर्शन.   27% ओबीसी आरक्षण: सुप्रीम कोर्ट में आज फिर होगी सुनवाई, पिछली तारीख विवादास्पद रही.   नए मास्टर प्लान से बदलेगी बालोद की तस्वीर: 10 गांव होंगे शामिल.   स्वदेश दर्शन योजना 2.0 के तहत जशपुर को पर्यटन विकास की बड़ी सौगात .   छत्तीसगढ़ में अफसरों के लिए सख्त आदेश: मंगलवार-बुधवार दफ्तर में रहना अनिवार्य.   कोरबा में ‘तबादला एक्सप्रेस’: टीआई-एसआई समेत कई पुलिसकर्मियों का ट्रांसफर, सूची जारी.   बीजापुर में 46 लाख के इनामी 12 माओवादी ने किया आत्मसमर्पण, आठ महिला शामिल.   छत्तीसगढ़ प्रयोगशाला परिचारक भर्ती: 254 अभ्यर्थियों के लिए दस्तावेज सत्यापन का अंतिम अवसर 6 फरवरी.  
नर्मदा के अतिरिक्त पानी से गुजरात के 9 हजार तालाब होंगे लबालब : अमित शाह
gandhinagar,   Narmada, Amit Shah

गांधीनगर। केन्द्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने बुधवार को गांधीनगर जिले की मानसा तहसील के 241 करोड़ रुपये के प्रकल्पों का भूमिपूजन और लोकार्पण किया। इसमें अंबोड गांव में 234.67 करोड़ रुपये के खर्च से बनने वाला डैम भी शामिल है। डैम के बनने से 8 गांवों के 1100 हेक्टेयर खेती की जमीन को सिंचाई की सुविधा मिलेगी।

अपने गुजरात दौरे के तीसरे दिन केन्द्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने गांधीनगर की मनसा तहसील के विभिन्न प्रकल्पों का भूमिपूजन और लोकार्पण किया। इस अवसर पर आयोजित समारोह में उन्होंने कहा कि अंबोड महाकाली माता का मंदिर लोगों की आस्था का केन्द्र है। अंबोड के समीप अब साबरमती नदी पर डैम बनने वाला है। उन्होंने कहा कि उनकी इच्छा है कि इस डैम को एक किलोमीटर तक आगे बढ़ाना चाहिए जिससे अंबोड मंदिर के पास सुंदर सरोवर बन सके। उन्होंने कहा कि उत्तर गुजरात की पानी की समस्या का इसके जरिए समाधान होगा। नरेन्द्र मोदी ने गुजरात का मुख्यमंत्री बनने के बाद उत्तर गुजरात की प्यास बुझाने का काम किया।

 

शाह ने कहा कि जब वे खुद 1997 में विधायक बने थे, तब उत्तर गुजरात के सभी विधायक बोरबेल बनाने की अनुमति मांगते थे। उन्हें अनुमति नहीं मिलती था, क्योंकि यहां डार्क जोन था। यहां 1200 फीट गहरा बोरबेल करने पर पानी मिलता था। पानी निकालने के बाद उसे सीधे खेत में नहीं डाल सकते थे। इस पूरी परिस्थिति को बदलने का विचार नरेन्द्र मोदी को आया। उन्होंने कच्छ हो, सौराष्ट्र हो या गांधीनगर से डीसा तक उत्तर गुजरात हो, सभी क्षेत्रों में पानी का स्तर ऊंचा लाने का काम किया। सबसे पहले नर्मदा योजना को शुरू कराया गया। कांग्रेस के अड़ंगा लगाने के बाद भी उसे दूर किया। नरेन्द्र मोदी के प्रधानमंत्री बनने के बाद दरवाजा डालने का काम भी पूरा हो गया। भरुच से लेकर खावडा तक वाया सुरेन्द्रनगर, वाया अहमदाबाद जिला कैनाल पहुंचाने का काम पूरा हुआ।

 

केन्द्रीय मंत्री ने कहा कि नर्मदा का पानी गुजरात के 9 हजार से अधिक तालाबों में डाला गया। इसके बावजूद बारिश का पानी बह जाता था। इसके बाद सौनी योजना शुरू की गई, जिससे सौराष्ट्र के गांव-गांव तक पानी पहुंचाने का काम नरेन्द्र मोदी ने किया। उत्तर गुजरात के लिए सुजलाम सुफलाम योजना के जरिए कडाणा डैम से पानी निकाल कर डीसा तक पहुंचाया गया। खंभात में बर्बाद हो रहे पानी का भी संचय किया गया। नर्मदा का अतिरिक्त पानी भी मनसा के आसपास के 14 तालाबों समेत राज्य के 9 हजार तालाबों तक पानी पहुंचाने का काम शुरू किया गया। साबरमती पर 14 डैम बनाकर इसमें पूरे साल पानी से लबालब किया गया। एक तालाब से 14 फीट तक पानी का स्तर ऊंचा हुआ। जल संचय के कारण फ्लोराइड बगैर पीने का पानी मिला। लोगों को नर्मदा का पानी मिला। शाह ने कहा कि राज्य में पानी का जलस्तर 5 मीटर तक ऊंचा आया है। कार्यक्रम में मेहसाणा के सांसद हरि भाई पटेल, विधायक जे एस पटेल समेत अन्य गणमान्य लोग मौजूद रहे।

MadhyaBharat 15 January 2025

Comments

Be First To Comment....
Video

Page Views

  • Last day : 8641
  • Last 7 days : 45219
  • Last 30 days : 64212


x
This website is using cookies. More info. Accept
All Rights Reserved ©2026 MadhyaBharat News.