Since: 23-09-2009

  Latest News :
तुर्कमान गेट हिंसा के पीछे सोशल मीडिया पोस्ट की भूमिका.   ऑपरेशन सिंदूर में एनसीसी कैडेट्स की भूमिका की सराहना.   कोलकाता में I-PAC से जुड़े ठिकानों पर ईडी की छापेमारी, ममता बनर्जी के गंभीर आरोप.   भारत का पहला स्वदेशी प्रदूषण नियंत्रण जहाज \'समुद्र प्रताप\' हुआ चालू.   तुर्कमान गेट में बुलडोजर कार्रवाई, इलाका बना छावनी.   दिल्ली विधानसभा में BJP और AAP विधायकों के विरोध प्रदर्शन से माहौल गरम.   भोपाल में पानी की गुणवत्ता पर संकट, चार सैंपल फेल.   मैहर की बेटी अंजना सिंह को भोपाल में सम्मानित.   इंदौर में दूषित पानी से मौतों ने स्वच्छता पर उठाए बड़े सवाल.   1600 करोड़ की बाणसागर नल जल परियोजना की पाइपलाइन फटी.   दूषित पानी से हुई मौतों को लेकर कांग्रेस ने की मृतकों के परिजनों से मुलाकात .   उमंग सिंघार ने खजराना में पानी की गुणवत्ता का किया रियलिटी चेक .   बालोद में देश का पहला नेशनल रोवर-रेंजर जंबूरी, तैयारियां पूरी.   गोडसे पर बयान से छत्तीसगढ़ की राजनीति में बवाल.   नक्सल विरोधी अभियान में 2025 बना ऐतिहासिक साल.   ग्रामीण महिला सशक्तिकरण के लिए NIT रायपुर को मिली STREE परियोजना की स्वीकृति.   बस्तर के तोकापाल इलाके में बाघ के पंजों के निशान, वन विभाग ने दी चेतावनी.   शराब घोटाला मामले में चैतन्य बघेल को मिला जमानत.  
मध्य प्रदेश को जल्द मिलेगा एक नया टाइगर रिजर्व : मोहन यादव
bhopal,Madhya Pradesh , Mohan Yadav
भोपाल । मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि मध्य प्रदेश को जल्द ही एक नया टाइगर रिजर्व मिलने वाला है। माधव टाइगर अभ्यारण्य जल्द ही राज्य का नौवां टाइगर रिजर्व बनेगा। इसके लिए केंद्र सरकार की स्वीकृति मिल गई है। नए टाइगर रिजर्व की अधिसूचना कभी भी जारी हो सकती है। इसके लिए औपचारिकताएं पूरी करने की प्रक्रिया अंतिम दौर में है। माधव टाइगर अभ्यारण्य के टाइगर रिजर्व बनने से चंबल अंचल में वन्य जीवों की संख्या बढ़ेगी।
 
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने गुरुवार को सोशल मीडिया के माध्यम से कहा कि मध्य प्रदेश वन्य जीवन संरक्षण में नए कीर्तिमान स्थापित कर रहा है। कूनो में वीरा के दो नए शावकों को मिलाकर कुल 26 चीते हो गये हैं। इन चीतों की मॉनिटरिंग के लिये दो दल गठित किए गए हैं। बुधवार को कूनो क्षेत्र में पांच चीते छोड़े गए, इनमें से तीन का जन्म तो प्रदेश में ही हुआ है। इस प्रकार अब सात चीते स्वयं को मध्य प्रदेश की आबोहवा में ढाल रहे हैं। पहले छोड़े गए चीते न केवल शिकार कर रहे हैं, अपितु कुशलता से जंगल में विचरण कर रहे हैं। प्रकृति, जीव जगत और मानव जीवन के संतुलन की यह अनमोल झलक राज्य में दिखाई दे रही है। सभी लोग इस आनंद और रोमांच का अनुभव कर रहे हैं। यह वन्य जीवों के संरक्षण के लिए राज्य सरकार की प्रतिबद्धता का प्रतीक है। यह इस बात का प्रमाण है कि मध्य प्रदेश में वन्यजीवों के लिए सबसे अनुकूल वातावरण है।
 
गौरतलब है कि मध्य प्रदेश में फिलहाल आठ टाइगर रिजर्व हैं। इनमें संजय दुबरी टाइगर रिजर्व, नौरादेही टाइगर रिजर्व, पन्ना टाइगर रिजर्व, सतपुड़ा टाइगर रिजर्व, बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व, पेंच टाइगर रिजर्व, कान्हा टाइगर रिजर्व और रातापानी टाइगर रिजर्व शामिल हैं। इनमें रातापानी को हाल ही में आठवां टाइगर रिजर्व घोषित किया है। अब माधव नेशनल पार्क के टाइगर रिजर्व बनने से यह संख्या बढ़कर नौ हो जाएगी, जो प्रदेश में बाघों की बढ़ती संख्या और संरक्षण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
 
मध्य प्रदेश में हैं 785 बाघ-
मध्य प्रदेश में 2022 की बाघों की जनगणना के अनुसार 785 बाघ हैं। साल 2018 में यह संख्या 526 थी, जो 2022 में उल्लेखनीय वृद्धि के साथ 785 हो गई थी। इसी के साथ मध्य प्रदेश ने टाइगर स्टेट का तमगा भी पुनः हासिल कर लिया था।
MadhyaBharat 6 February 2025

Comments

Be First To Comment....
Video

Page Views

  • Last day : 8641
  • Last 7 days : 45219
  • Last 30 days : 64212


x
This website is using cookies. More info. Accept
All Rights Reserved ©2026 MadhyaBharat News.