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बीजापुर । नक्सलियाें के दक्षिण सब जोनल ब्यूराे समता ने बुधवार को प्रेस विज्ञप्ति जारी कर एक फरवरी को बीजापुर जिले के तोड़का में हुए मुठभेड़ को फर्जी बताया है। नक्सलियाें द्वारा जारी प्रेस विज्ञप्ति में बताया गया है कि गंगालुर के तोड़का में हुए कथित नक्सली मुठभेड़ फर्जी है, उस दिन गांव में नक्सलियों का कोई भी हथियारबंद दस्ता माैजूद नही था। बल्कि गांव में जुटे हुए लोग पंडूम त्योहार मनाने के लिए एकत्रित हुए थे।
बस्तर आईजी सुंदरराज पी. ने इस संबंध में आज कहा कि नक्सली हमेशा ही मुठभेड़ को फर्जी बताते रहे ।उन्होंने कहा कि एक फरवरी को हुए मुठभेड़ में 16 लाख के इनामी एसीएस कैडर व मिलेशिया सदस्य के रूप में मारे गये आठों पुरुष नक्सलियाें की पहचान की जा चुकी है। उन्होंने यह भी कहा कि अभियान के दाैरान यदि काेई भी बंदूक लेकर लड़ेगा ताे हमें जवाबी कार्रवाई करनी पड़ेगी ।
नक्सलियों द्वारा जारी प्रेस विज्ञप्ति में बताया गया है कि एक फरवरी को तोडका गांव वासी के साथ आस-पास के गांव वाले भी शाम को त्यौहार में शामिल होने के लिए अपने-अपने रिश्तेदारों के यहां इकट्ठा होने लगे थे। इसी दाैरान सीआरपीएफ, कोबरा , एसटीएफ, बस्तर फायर्टस व डीआरजी फोर्स ने तोड़का गांव को पूरी तरह से घेराबंदी कर गांव के आम ग्रामीणों के हाथ पीछे बांधकर ताबड़-तोड़ फायरिंग की है। इस फायरिंग में तोड़का गांव के ताती बंकर, ताती मगाल, ताती कमलू, ताती रानू, ताती सन्नू और कोरचिल गांव के पदाम बीजू, ताली लच्छू, नीलकंड कमलेश मारे गये और 24 आम लोग घायल हाे गए ।विज्ञप्ति में आरोप लगाया गया है कि 67 लाेगाें को अपनी हिरासत में रखकर बीजापुर थाने में ले जाकर खूब यातनाएं दी जा रही है ।
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