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बलरामपुर । जिले के राजपुर में पंचायत सचिव संघ बीते 17 मार्च से अपनी एक सूत्री मांग को लेकर अनिश्चितकालीन हड़ताल पर बैठे हैं। पंचायत सचिव संघ की राजपुर इकाई 1995 से कार्यरत पंचायत सचिवों को शासकीयकरण की मांग को लेकर आठ दिनों से हड़ताल में डटे हुए हैं। इधर, पंचायतों का कामकाज पूरी तरह से ठप हो गया है। ग्रामीण अपने काम के लिए पंचायत भवन पहुंच रहे हैं, लेकिन बिना काम कराए वापस लौट रहे हैं।
राजपुर सचिव संघ के ब्लॉक अध्यक्ष अशोक कुमार ने आज सोमवार को बताया कि विधानसभा चुनाव में मोदी की गारंटी में वर्ष 1995 से कार्यरत पंचायत सचिवों को शासकीयकरण करने का वादा किया गया था। इस संबंध में बीते वर्ष जुलाई महीने में मुख्यमंत्री के द्वारा सचिवों को शासकीयकरण करने का भरोसा दिया गया था। बीते वर्ष 16 जुलाई को सीएम के द्वारा जारी घोषणा में पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग द्वारा समिति गठन कर 30 दिन के भीतर रिपोर्ट प्रस्तुत करने के लिए अल्टीमेटम भी दिया गया था।
आगे उन्होंने कहा आदेश के परिपालन में कमेटी द्वारा पंचायत सचिवों के शासकीयकरण के संबंध में प्रतिवेदन प्रस्तुत कर दिया गया है। जिस पर पंचायत सचिवों को विश्वास था कि रिपोर्ट अनुसार बजट सत्र में शासकीयकरण का सौगात सचिवों को प्रदान किया जायेगा लेकिन बजट सत्र में यह वादा झूठा साबित हुआ। इस विषय पर सरकार द्वारा कोई पहल नहीं करने के कारण पूरे प्रदेश के पंचायत सचिव आक्रोशित है। सचिव संघ हड़ताल तभी समाप्त करेंगे जब सचिवों की शासकीयकरण की मांग पूरी होगी।
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