Since: 23-09-2009

  Latest News :
पुरी में गेस्ट हाउस पार्किंग शुल्क पर एसजेटीए का निर्णय कायम.   पश्चिम बंगाल सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में दाखिल किया कैविएट.   हिजाब पहनने वाली बेटी भी बन सकती है प्रधानमंत्री: AIMIM प्रमुख ओवैसी.   अमित शाह ने भारत का पहला राष्ट्रीय IED डेटा मैनेजमेंट सिस्टम लॉन्च किया.   टीएमसी सांसदों का प्रदर्शन और हिरासत.   IPAC ऑफिस पर ED की रेड के बाद ममता बनर्जी का बीजेपी पर हमला.   भोपाल में बाबर विषयक लिटरेचर फेस्टिवल विवादों में.   मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने लोक निर्माण विभाग की कार्यशाला का किया शुभारंभ.   दूषित पेयजल से मौतों ने प्रभावित की इंदौर की पर्यटन छवि.   इंदौर में भीषण सड़क हादसा:पूर्व गृह मंत्री बाला बच्चन की बेटी समेत 3 की मौत.   भागीरथपुरा दूषित मामले में कांग्रेस घेरेगी भाजपा को.   मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव का सुआलकुची सिल्क विलेज भ्रमण.   अमित जोगी ने बीजेपी पर साधा निशाना.   दंतेवाड़ा में नक्सल विरोधी अभियान में बड़ी सफलता.   छत्तीसगढ़ की राजनीति में मंत्री के बयान से हलचल.   महासमुंद स्कूल परीक्षा में \'राम\' नाम पर विवाद.   बालोद में देश का पहला नेशनल रोवर-रेंजर जंबूरी, तैयारियां पूरी.   गोडसे पर बयान से छत्तीसगढ़ की राजनीति में बवाल.  
शक्कर कारखाने के निजीकरण के विरोध में कांग्रेसियों ने किया धरना प्रदर्शन
balrampur, Congressmen staged , privatization

बलरामपुर/सूरजपुर । जिले के सहकारी शक्कर कारखाने को प्रस्तावित निजीकरण करने के विरोध में बीते शनिवार को पूर्व डिप्टी सीएम टीएस सिंहदेव के नेतृत्व में कांग्रेसियों ने एक दिवसीय धरना प्रदर्शन किया। इस दौरान टीएस सिंहदेव ने जमकर सरकार पर निशाना साधा।

 
केरता स्थित सहकारी शक्कर कारखाना को प्रस्तावित निजीकरण करने के विरोध में शनिवार काे प्रदर्शन के दौरान पूर्व डिप्टी सीएम ने कहा कि सहकारी शक्कर कारखाना में साढ़े चार हजार से ज्यादा पंजीकृत सदस्य हैं, लेकिन बिना किसी की सहमति के शक्कर कारखाना को निजीकरण करने की सरकार तैयारी कर रही है। जिससे क्षेत्र का विकास रुकेगा और किसानों के लिए परेशानी होगी। उन्होंने आगे कहा सरकार की नीतियों के कारण शक्कर कारखाना घाटे में है। ऐसा कोई कारण नहीं है कि कारखाने को सहकारी क्षेत्र में न चलाया जाएगा।
 

प्रदर्शन के बाद कांग्रेस ने मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा और निजीकरण के खिलाफ अपना विरोध दर्ज कराया है। ज्ञापन में कहा गया है कि नियमानुसार दो तिहाई बहुमत के साथ प्रस्ताव पर ही सहकारी क्षेत्र के कारखाने को निजी क्षेत्र में दिया जा सकता है। नियम विरूद्ध तरीके से कारखाने के निजीकरण की कोशिश की जा रही है। इसका कांग्रेस विरोध करती है।

 

MadhyaBharat 30 March 2025

Comments

Be First To Comment....
Video

Page Views

  • Last day : 8641
  • Last 7 days : 45219
  • Last 30 days : 64212


x
This website is using cookies. More info. Accept
All Rights Reserved ©2026 MadhyaBharat News.