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ईडी ने सौरभ शर्मा के खिलाफ पेश किया चालान
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भोपाल । प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने लोकायुक्त के छापों में मिली करोड़ों की संपत्ति के मामले में मध्य प्रदेश परिवहन विभाग के पूर्व आरक्षक सौरभ शर्मा, उसके सहयोगियों चेतन सिंह गौर और शरद जायसवाल सहित अन्य आरोपितों के खिलाफ मंगलवार को भोपाल में विशेष अदालत में चालान पेश कर दिया है। ईडी ने अपने चालान में सौरभ की मां उमा शर्मा, पत्नी दिव्या शर्मा और उसके संस्थान और कंपनियों के डायरेक्टरों सहित 12 लोगों को आरोपित बनाया है। ईडी ने चालान में भोपाल के मेंडोरी के जंगल में खड़ी लावारिस इनोवा कार में मिला 52 किलो सोना और 11 करोड़ रुपये नगदी सौरभ का ही बताया है।
कोर्ट में सौरभ की मां भी मौजूद रही, लेकिन उन्हें गिरफ्तार नहीं किया गया है। अब तक इस मामले में ईडी ने कुल 100.36 करोड़ रुपये की कुर्की और जब्ती की है। इससे पहले लोकायुक्त पुलिस सौरभ, चेतन और शरद के खिलाफ 60 दिन तक चली जांच के बाद भी कोर्ट में चालान पेश नहीं कर सकी थी, इसीलिए तीनों को लोकायुक्त पुलिस के मामले में गत दिनों जमानत मिल चुकी हैं, लेकिन ईडी की जांच जारी होने के कारण फिलहाल तीनों जेल में ही बंद हैं।
ईडी ने मंगलवार को अदालत में प्रस्तुत चालान में बताया है कि 19-20 दिसंबर की दरमियानी देर रात मेंडोरा के जंगलों में स्थित एक फार्म हाउस में लावारिस हालत में खड़ी इनोवा से बरामद 52 किलोग्राम से अधिक सोना और करीब 11 करोड़ रुपये नकद भी सौरभ शर्मा के हैं। ईडी धन शोधन निवारण अधिनियम (पीएमएलए) 2002 के प्रावधानों के तहत प्रकरण दर्ज कर संपत्तियों को कुर्क किया है।
अधिवक्ता रजनीश बरया ने बताया कि ईडी ने हजार पन्नों की चार्जशीट में कहा है कि सौरभ और उसके सहयोगियों द्वारा जो भी संपत्ति बनाई गई है वह मनी लॉन्ड्रिंग के माध्यम से कमाई गई है। इसलिए इनके विरुद्ध मनी लॉन्ड्रिंग का केस बनता है। चार्जशीट में सौरभ शर्मा के जीजा रोहित तिवारी, विनय हसवानी, प्यारेलाल केवट के अलावा इनकी फर्मों में शामिल अन्य लोग शामिल हैं। इन फर्मों के जरिए खरीदी गई प्रापर्टी और रजिस्ट्री को राजसात करने की बात भी चार्जशीट में शामिल है। अकेले एक ही फर्म में 15 से अधिक रजिस्ट्री हैं।
अधिवक्ता हरीश मेहता ने बताया कि ईडी ने चालान में तीनों के यहां छापे के बाद पाई गई अनक्लेम्ड प्रॉपर्टी को राजसात करने के लिए कहा है। ईडी सौरभ शर्मा और उसके सहयोगियों चेतन सिंह गौर, शरद जायसवाल से पूछताछ के बाद 100.36 करोड़ की संपत्ति कुर्क कर चुकी है। ईडी ने तीनों को केंद्रीय जेल से न्यायिक हिरासत में रहने के दौरान गिरफ्तारी कर अदालत से सात दिन की रिमांड पर लिया था। इस दौरान उनसे लंबी पूछताछ चली थी। ईडी ने कहा कि पूर्व आरटीओ आरक्षक सौरभ शर्मा द्वारा अपने और रिश्तेदारों, सहयोगियों के नाम पर करोड़ों रुपये की संपत्ति जुटाई गई है।
गौरतलब है कि लोकायुक्त पुलिस ने 19 दिसंबर को परिवहन विभाग के पूर्व आरक्षक सौरभ शर्मा के घर और दफ्तर पर छापा मार कार्रवाई की थी। इस दौरान उसके ठिकानों से करोड़ों के सोना-चांदी और नकदी बरामद हुए थे। वहीं, आयकर विभाग द्वारा 19 दिसंबर की रात चेतन सिंह गौर की इनोवा कार से 52 किलो सोना और 11 करोड़ नकदी जब्त किया था। ईडी ने लोकायुक्त पुलिस भोपाल द्वारा भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम, 1988 की धारा 13(2) के साथ 13(1)(बी) के तहत सौरभ शर्मा के खिलाफ दर्ज एफआईआर के आधार पर जांच शुरू की थी। ईडी की जांच में पता चला कि सौरभ शर्मा ने अपने परिवार के सदस्यों, मित्रों, सहयोगियों के नाम पर और कंपनियों, फर्मों, सोसाइटी के नाम पर भी अलग-अलग चल और अचल संपत्तियां खरीदी थीं।
इसमें अवैध तरीके से आपराधिक गतिविधि के माध्यम से मिली ब्लैक मनी को व्हाइट करके कई अज्ञात व्यक्तियों से अनसेफ लोन की व्यवस्था की गई थी। इससे पहले सौरभ शर्मा, चेतन सिंह गौर और शरद जायसवाल को इस मामले में गिरफ्तार किया था और वे वर्तमान में न्यायिक हिरासत में हैं।
ईडी ने कहा है कि पहले भी तलाशी और जब्ती की कार्रवाई की गई थी जिसके कारण 8.29 करोड़ रुपए के बैंक बैलेंस वाले बैंक खातों को फ्रीज कर दिया था और 2.50 करोड़ रुपए की नकदी जब्त की गई थी। साथ ही 14.20 लाख रुपए और 9.17 लाख रुपये की चांदी जब्त की गई है। अब तक इस मामले में ईडी ने कुल 100.36 करोड़ रुपये की कुर्की और जब्ती की है।
ईडी द्वारा चालान पेश किए जाने के बाद अब सौरभ शर्मा के वकील बुधवार को अदालत में उसकी जमानत का आवेदन लगाएंगे। लोकायुक्त द्वारा समय पर चालान पेश नहीं किए जाने के कारण अदालत लोकायुक्त के मामले में पहले ही सौरभ शर्मा, चेतन सिंह गौर और शरद जायसवाल की जमानत मंजूर कर चुकी है. लेकिन ईडी का चालान पेश नहीं होने के कारण तीनों ही जेल से बाहर नहीं आ सके हैं।

 

MadhyaBharat 9 April 2025

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