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पाकिस्तान में पहली बार आईएसआई प्रमुख को राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार बनाया गया
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इस्लामाबाद । पाकिस्तान की संघीय सरकार ने मुल्क की प्रमुख खुफिया एजेंसी आईएसआई के मौजूदा महानिदेशक लेफ्टिनेंट जनरल मोहम्मद असीम मलिक को नया राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (एनएसए) नियुक्त किया है। इंटर-सर्विसेज इंटेलिजेंस (आईएसआई) प्रमुख मोहम्मद मलिक मुल्क के दसवें एनएसए बन गए हैं।
डॉन अखबार की खबर के अनुसार, मंगलवार को कैबिनेट डिवीजन ने इस बारे में अधिसूचना जारी की। इसमें कहा गया कि जनरल मलिक डीजी आईएसआई के रूप में अपनी भूमिका बरकरार रखेंगे। लेफ्टिनेंट जनरल मोहम्मद असीम मलिक तत्काल प्रभाव से राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार का अतिरिक्त प्रभार संभालेंगे। यह नियुक्ति हाल ही में पहलगाम आतंकी हमले के बाद भारत के साथ बढ़े तनाव के बीच की गई है। एनएसए का पद अप्रैल 2022 से खाली था।
पाकिस्तान में आईएसआई की स्थापना 1948 में भारत के साथ पहले युद्ध के तुरंत बाद सेना, नौसेना और वायु सेना के बीच खुफिया जानकारी के आदान-प्रदान को मजबूत करने के लिए की गई थी। सबसे पहले इसका नेतृत्व मेजर जनरल आर. कॉवथॉर्न ने किया। रक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि आईएसआई पाकिस्तान की सेना का ही हिस्सा है। इसे हर साल हजारों करोड़ रुपये का फंड मिलता है। यह केवल भारत के खिलाफ आतंकवाद फैलाने के लिए 2000 करोड़ रुपये के फंड का इस्तेमाल करती है। पहलगाम में आतंकवादियों ने जिस तरह पर्यटकों को मारा है, उसके बाद फिर यह कहा जाने लगा कि यह पूरी आतंकवादी गतिविधि आईएसआई की निगरानी में हुई। इस पूरे हमले के पीछे पाकिस्तान की यही कुख्यात एजेंसी है।

MadhyaBharat 1 May 2025

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