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राजगढ़ । राजगढ़ पदस्थ द्वितीय अपर सत्र न्यायाधीश सुरेश कुमार शर्मा की कोर्ट ने सोमवार को पारिवारिक रंजिश के चलते महिला की जलाकर हत्या करने के मामले में चार आरोपितों को आजीवन कारावास की सजा और पांच-पांच हजार रुपए के अर्थदंड से दंडित किया है। प्रकरण में शासन की ओर से पैरवी लोक अभियोजक विजयसिंह सिसोदिया ने की।
प्रभारी जिला लोक अभियोजन अधिकारी मथुरालाल ग्वाल ने जानकारी देते हुए बताया कि 13 मार्च 2023 को पारिवारिक रंजिश के चलते देवर पांचूलाल, देवरानी सुनीता बाई और भतीजा घीसालाल ने फरियादिया के साथ गाली-गलौज शुरु कर दी, विरोध करने पर देवरानी सुनीता बाई ने देवर पांचूलाल को मिट्टी के तेल की कुप्पी लाकर दी, जिस पर पांचूलाल ने जान से मारने की नीयत से उस पर मिट्टी का तेल डाल दिया, वहीं भतीजे घीसालाल ने माचिस निकालकर आग लगा दी, इसी बीच हरचंद आया और उसने भी फरियादिया को गालियां दी। घटना के बाद मौके पर पहुंचे पति केदार, सास मांगीबाई व सुशीलाबाई ने बीच-बचाब किया और फरियादिया को अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां तीन माह बाद महिला की उपचार के दौरान मौत हो गई। कालीपीठ थाना पुलिस ने आरोपितों के खिलाफ प्रारंभ में धारा 294, 307के तहत प्रकरण दर्ज किया, महिला की मृत्यु के बाद आरोपितों के खिलाफ धारा 302 के तहत प्रकरण दर्ज किया गया। विचारण के दौरान न्यायालय ने साक्ष्य और सबूतों के आधार पर अभियुक्तगण पांचूलाल, घीसालाल, हरचंद और सुनीताबाई को आजीवन कारावास की सजा और पांच-पांच हजार रुपए के अर्थदंड से दंडित किया।
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