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गरियाबंद/रायपुर । छत्तीसगढ़ के गरियाबंद जिले के 13 वन ग्राम राजस्व ग्राम में तब्दील होंगे। बुधवार से जारी 60 घंटे तक चले भूख हड़ताल के बाद बीती देर रात हड़ताल को खत्म करने एसडीएम पंकज डाहिरे ने मंच पर पहुंच 10 में से 6 मांगों पर जिला प्रशासन की बनी सहमति की जानकारी दी।
दस मांगों को लेकर जिला पंचायत सदस्य संजय नेताम और लोकेश्वरी नेताम की अगुवाई में आदिवासी बुधवार 4 जून से अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर बैठे थे। एसडीएम ने जिला पंचायत सदस्यों काे जूस पिलाकर भूख हड़ताल को समाप्त करवाया। गरियाबंद एसडीएम पंकज डाहरे,ने शनिवार सुबह बताया कि 10 में से 6 मांगों पर सहमति बनी है। जिला प्रशासन प्राथमिकता में रख कर इन कार्यों को करा रही है।
उल्लेखनीय है कि दस सूत्रीय मांगों को लेकर अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर बैठे जिला पंचायत सदस्य संजय नेताम और लोकेश्वरी नेताम की बिगड़ती तबीयत देखकर आदिवासी विकास परिषद के प्रतिनिधि मंडल ने कलेक्टर भगवान उईसे से मुलाकात कर मांगों पर विचार करने का आग्रह किया था।
आंदोलनकारियों की प्रमुख मांग में अमलीपदर सुख तेल नदी में आवाजाही की समस्या को बहाल करना था। इस नाले पर 7 करोड़ लागत से पिछले पांच सालों से पुल निर्माण किया जा रहा है, लेकिन काम पूरा नहीं होने के कारण बरसात में आवाजाही की दिक्कत होती थी। एसडीएम ने बताया कि जिला प्रशासन अपने किसी भी मद से इस बार यहां रपटा का निर्माण कराएगी। कलेक्टर भगवान यूईके ने इसकी मंजूरी दे दिया है। साथ ही शुक्ला नाला में रपटा निर्माण होगा, अड़गडी और जरहिडीह पुल में जल्द निर्माण शुरू करने संबंधित विभाग को निर्देशित किया गया है।आदिवासियों की मैनपुर अस्पताल में डॉक्टर की कमी को दूर करने भी दूर मांग को पूरा करते हुए तीन नियमित डॉक्टर की पोस्टिंग आदेश जारी कर दिया गया है।राजपड़ाव क्षेत्र में निर्माणाधीन नए स्कूल भवन और जर्जर स्कूलों का मरम्मत जून माह तक पूरा कराया जाएगा।कलेक्टर ने आंदोलन कारियों के प्रमुख मांग 13 वन ग्राम को 2 अक्टूबर को राजस्व ग्राम घोषित करने की जानकारी दी है।
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