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भू-स्खलन के बाद चार जुलाई से चल रही मालगाड़ियां
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जगदलपुर । ईस्ट कोस्ट रेलवे जोन के रायगड़ा रेल मन्डल अंतर्गत 2 जुलाई को केके रेल लाइन के मल्लिगुड़ा-जरटी के मध्य भू-स्खलन की घटना के 48 घण्टों में युद्धस्तर पर किये गए मरम्मत व सुधार कार्य के बाद शुक्रवार 4 जुलाई काे ट्रेक के पूरी तरह ठीक हाेने की जानकारी दी गई। जिसके बाद मालगाड़ियों का परिचालन शुरू कर दिया गया है। लेकिन भू-स्खलन के 5 दिन के बाद भी इस लाइन पर यात्री ट्रेनों का परिचालन शुरू नही किया गया है। विशाखपट्नम रेल मंडल मुख्यालय ने 7 जुलाई तक यात्री ट्रेनों के परिचालन पर रोक लगाई थी, इसके बाद यात्री ट्रेनो का परिचालन करने के संकेत दिए थे। लेकिन 7 जुलाई के बाद भी यात्री ट्रेनों का परिचालन नियमित किया जाएगा, इस पर संशय की स्थिति बनी हुई है।
 
रेलवे सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, जिस स्थल पर पहाड़ से मिट्टी और चट्टान का लगभग 25 हजार घन मीटर मलबा रेल ट्रैक पर जमा था, उसे साफ करने के बाद स्थल को 24 घण्टे सीसी कैमरे से निगरानीम लिया गया गया है। जिसका कंट्रोल विशाखपट्नम रेल मंडल मुख्यालय से मिनट-टू-मिनट किया जा रहा है। बस्तर संभाग मुख्यालय से लगभग 80 किमी दूर मल्लिगुड़ा-जरटी स्टेशन के मध्य 5 दिन पहले हुई भूस्खलन की घटना से रेल प्रशासन पूरी तरह से चौकन्ना है, कारण बारिश तक इस स्थल से रेल परिवहन करने को लेकर खासकर यात्री ट्रेनो के परिवहन पर वरिष्ठ मंडल रेल अधिकारी किसी प्रकार का जाेखिम नहीं लेना चाहते। जरटी स्टेशन में तीन ट्रेक में दो ट्रेक भारी बारिश से मिट्टी नरम होने से धनुषाकार हो गया है। इस प्राकृतिक घटना से दोनों लाइन को बंद कर दिया गया है। इन दोनों लाइन में मालगाड़ियों का परिवहन पर पूरी तरह से रोक लगाई गई है। भारी बारिश के चलते घटना स्थल से लाभग 8 किमी दूर कोरापुट की ओर स्थित जरटी स्टेशन के दो रेल ट्रैक धनुषाकार होने की घटना से रेल प्रबंधन को चिंता में डाल दिया है।
 
आज सोमवार को भुवनेश्वर से घटना स्थल का निरीक्षण करने पहुंचे चीफ इंजीनियर कन्ट्रक्शन अशोक कुमार जरटी स्टेशन के दोनों ट्रेक का निरीक्षण किया। इस दौरान उनके साथ रेल मंडल विशाखपट्नम के डीआरएम ललित बोहरा, सीनियर डीइएन कन्ट्रेक्शन, सीनियर डीओएम व अन्य वरिष्ठ मंडल रेल अधिकारी साम्मलित थे। विशाखपट्नम रेल मंडल के सीनियर डिविजनल कमर्शियल मैनेजर यानी वरिष्ठ मंडल वाणिज्य प्रबन्धक के संदीप के अनुसार यदि सबकुछ ठीक रहा तो 8 जुलाई यानी मंगलवार से किरन्दुल-जगदलपुर से कोरापुट-विशाखपट्नम-रायगड़ा की ओर जाने वाली यात्री ट्रेनो का परिचालन शुरू किया जाएगा। भूस्खलन घटना के बाद बुधवार से किरन्दुल और जगदलपुर से चलने वाली यात्री ट्रेनो के पहिये थमी रही। जिसके चलते बस्तर और जयपुर (ओड़िसा) के यात्रियों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।

 

 
MadhyaBharat 7 July 2025

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