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बारिश में बह गई पुलिया तो ग्रामीणों ने बांस और लकड़ी से बना डाला सेतु
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अंबिकापुर । करीब पखवाड़े भर पूर्व संभाग मुख्यालय अंबिकापुर में बादल फटने के कारण 172.8 मिमी की झमाझम बारिश से शहर से लगे ग्राम खैरबार के मछिंदरपारा रपटा पुलिया के बह जाने से ग्रामीणों की परेशानी बढ़ गई है। बांकी जलाशय की ओर से आने वाले लोगों को सर्वाधिक परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। ग्रामीणों के द्वारा मार्ग पर आवाजाही के लिए बांस और लकड़ी की अस्थाई पुलिया बनाई गई है। जिसे ग्रामीण जान हथेली पर लेकर यह रपटा पुलिया पार कर रहे हैं। तेज बहाव के चलते क्षतिग्रस्त पुलिया का हिस्सा और मिट्टी पूरी तरह से बह गया है। जिसके चलते नीचे गड्ढा भी बन गया है। कई ग्रामीण लकड़ी के इस खतरनाक पुलिया में मोटरसाइकिल भी पार कर रहे हैं।

 

ग्रामीणों का कहना है कि, इस पुलिया के क्षतिग्रस्त होने के चलते ग्राम पंचायत खैरवार दो हिस्से में बंट गया है। जिसमें बांकी क्षेत्र भी प्रभावित हो रहा है। क्षतिग्रस्त पुलिया में बनाए गए बांस और लकड़ी के पुलिया के चलते विद्यार्थियों में भी गंभीर हादसे की संभावना बनी रहती है। बारिश के दौरान इस नाले में पानी का बहाव काफी तेज होता है जिसके चलते कई बार लकड़ी की पुलिया पार करते समय काफी खतरा भी बना रहता है। ग्रामीणों के द्वारा प्रशासन से इस ओर अविलंब पहल की मांग की गई है।

 
आधा दर्जन गांव की मुख्यालय से दूरी बढ़ी
 
खैरवार के पूर्व उपसरपंच अदीप ने आज सोमवार को बताया कि, पुलिया के क्षतिग्रस्त होने के चलते लगभग आधा दर्जन गांव प्रभावित हो रहे हैं। जिसके चलते ग्रामीणों की मुख्यालय से दूरी लगभग 4-5 किमी बढ़ गई है। लोगों को अधिक दूरी तय कर दूसरे रास्ते से जाना पड़ रहा है। उन्होंने बताया कि, लकड़ी और बांस के सहारे बनाया गया वैकल्पिक व्यवस्था भी काफी कमजोर है जिससे हादसे का खतरा बना रहता है। उन्होंने बताया कि, यह पुलिया सात गांव के निस्तार का मुख्य मार्ग भी है। क्षतिग्रस्त होने से ग्राम दोनापारा, करौदा, झरियां, बांसा, कोरिमा, राता, बदगरी और बांकी क्षेत्र के लोगों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
MadhyaBharat 21 July 2025

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