Since: 23-09-2009
पिछले तीन साल से जनसंख्या में गिरावट का सामना कर रहे चीन ने सोमवार को दंपतियों को प्रोत्साहित करने के लिए राष्ट्रव्यापी शिशु देखभाल नकद सब्सिडी नीति की घोषणा की है। सरकार का कहना है कि यह बच्चों के पालन-पोषण करने वाले परिवारों पर वित्तीय दबाव कम कर देश की जन्मदर को बढ़ावा देने के उद्देश्य लाई गई है।
एनएचसी के अनुसार, सभी स्थानीय निकाय बाल देखभाल सब्सिडी प्रणाली के लिए विस्तृत कार्यान्वयन योजनाएँ बनाने में लगे हुए हैं और इसके क्रियान्वयन की तैयारी कर रहे हैं। अगले माह अगस्त के अंत में देशभर में बाल देखभाल सब्सिडी के लिए आवेदन शुरू होने की उम्मीद है।
पिछले वर्ष चीन में 9.54 मिलियन बच्चे पैदा हुए, जो 2016 की तुलना में आधी संख्या है। खास बात यह है कि साल 2016 में चीन ने तीन दशकों से लागू अपनी एक-बच्चा नीति खत्म की थी। हाल के वर्षों में पाया गया है कि चीन में विवाह दरों में भी भारी गिरावट आई है और ज्यादातर युवा दंपति बच्चों के पालन-पोषण पर होने वाले भारी-भरकम खर्च और करिअर संबंधी चिंताओं के चलते बच्चे पैदा करने से कतराते हैं।
MadhyaBharat
|
All Rights Reserved ©2026 MadhyaBharat News.
Created By:
Medha Innovation & Development |