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मोबाइल नेटवर्क की समस्या से परेशान ग्रामीणों ने हाईवे पर लगाया जाम
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बालाघाट । मध्य प्रदेश के बालाघाट जिले में माओवाद प्रभावित परसवाड़ा जनपद क्षेत्र में मोबाइल नेटवर्क की समस्या से परेशान ग्रामीणों ने शुक्रवार को बालाघाट-बैहर राजमार्ग पर चक्काजाम कर दिया। ग्रामीणों का कहना है कि नेटवर्क की समस्या के कारण पंचायतों के कामकाज प्रभावित हो रहे हैं। बीएसएनएल के टावर बंद पड़े हैं और समस्या का समाधान नहीं हो रहा है। इससे पंचायतों में कई सारे काम लंबित हो गए हैं और विकास कार्यों पर ग्रहण लगा है।


जिले के बैहर और परसवाड़ा विस अंतर्गत घने जंगल के अंदर बसे 30 से अधिक गांवों के लोगों ने शुक्रवार को नेटवर्क की समस्या दूर न होने से नाराज होकर बालाघाट- बैहर राजमार्ग पर गांगुलपारा के बंजारी में चक्काजाम कर दिया गया। मोहनपुर, चालीसबोड़ी, कसंगी और कावेली गांव के निवासियों का कहना है कि उनके क्षेत्र में बीएसएनएल का टावर लगा है, लेकिन नेटवर्क नहीं मिल रहा है। नेटवर्क की समस्या से निपटने के लिए ग्रामीणों को 20 किलोमीटर दूर बालाघाट और उकवा जाना पड़ता है। नेटवर्क नहीं मिलने से पंचायतों में कई सारे कामकाज प्रभावित होने लगे है। दरअसल, क्षेत्र के घने जंगलों में बीएसएनएल के अधिकांश टावर लगे हैं, जिनमें से कई टावर बंद पड़े हैं। इस समस्या से कई बार जनप्रतिनिधि से लेकर कलेक्टर तक को अवगत कराया गया है। बावजूद इसके समस्या हल नहीं हो रही है। इससे पहले 30 मई को जनसमस्या निवारण शिविर और 5 अगस्त को जनसुनवाई में भी ग्रामीणों ने यह मुद्दा उठाया था। लेकिन प्रशासन की ओर से कोई कार्रवाई नहीं की गई।

 

परसवाड़ा जनपद पंचायत सदस्य रमेश पंद्रे के अनुसार, नेटवर्क की समस्या से आपातकालीन स्वास्थ्य सेवाएं प्रभावित हो रही हैं। साथ ही केवायसी, पेंशन आवेदन, संबल योजना, मनरेगा योजना अंतर्गत निर्माण कार्यों का जीओटेक नहीं हो रहा है। साथ ही वर्क रजिस्ट्रेशन, डिमांड डालना, मस्टररोल जनरेट करना, मजदूरों की आनलाइन हाजरी, मस्टर रोल फील करने आदि के कार्य लंबित हो रहे है। मोहनपुर के ग्रामीण बताते हैं कि गांव में बीएसएनएल का टावर खड़ा है। पिछले एक वर्ष तक थोड़ा बहुत नेटवर्क मिलता था, लेकिन सात महीने से बंद पड़ा है। इससे पंचायत के काम लंबित होने से विकास कार्यों पर ग्रहण लगा है। साथ ही ऐसे में यदि सर्पदंश की घटना हो जाए या फिर अचानक स्वास्थ्य बिगड़ता है तो आशा कार्यकर्ता, एंबुलेंस को कॉल नहीं कर सकते, क्योंकि नेटवर्क ही नहीं रहता। इसकी वजह से पांच से छह लोगों की जान जाने की बात ग्रामीणों ने कही है। नक्सल प्रभावित बैहर और परसवाड़ा विधानसभा क्षेत्र के जंगल इलाके में स्थित कई गांवों के लोग इस समस्या से जूझ रहे हैं। गांगुलपारा के बंजारी में किए गए चक्काजाम से मार्ग पर वाहनों का आवागमन पूरी तरह से रुक गया है। खबर लिखे जाने तक ग्रामीणों का धरना प्रदर्शन जारी है।

 

 

MadhyaBharat 22 August 2025

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