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हिमाचल में भारी बारिश से जनजीवन अस्त-व्यस्त
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शिमला । हिमाचल प्रदेश में मॉनसून की भारी बारिश ने हाहाकार मचा दिया है। नदियां-नाले उफान पर हैं और जगह-जगह भूस्खलन से सड़कें बंद पड़ी हैं। लगातार हो रही बारिश से जनजीवन अस्त-व्यस्त है। भारी वर्षा के चलते बच्चों की सुरक्षा को देखते हुए आज प्रदेश के 8 जिलों कांगड़ा, चंबा, ऊना, मंडी, कुल्लू, सोलन, बिलासपुर और हमीरपुर में सभी शिक्षण संस्थानों और आंगनबाड़ी केंद्रों में अवकाश घोषित किया गया है। इसके अलावा जनजातीय जिला लाहौल-स्पीति के लाहौल और उदयपुर उपमंडलों में भी आज सभी शिक्षण संस्थान बंद रखे गए हैं। मौसम विभाग ने प्रदेश के कई जिलों के लिए आज भी भारी वर्षा का ओरेंज अलर्ट जारी किया है। ऐसे में प्रशासन ने लोगों को एहतियात बरतने, भूस्खलन संभावित क्षेत्रों से दूर रहने और नदियों-नालों के किनारे न जाने की सख्त हिदायत दी है।

कांगड़ा जिला में हालात सबसे ज्यादा बिगड़े हुए हैं। लगातार बारिश से इंदौरा इलाका जलमग्न हो गया है। यहां बाजार व सरकारी दफ्तर जलमग्न हो गए हैं। नूरपुर और फतेहपुर समेत कई क्षेत्रों में खड्ड और नाले उफान पर हैं। जसूर की सब्ज़ी मंडी पानी में डूब गई है, जिससे दुकानदारों और लोगों को भारी दिक्कतें पेश आ रही हैं। दुकानों और घरों में पानी घुसने से भारी नुकसान हुआ है। नूरपुर विधानसभा क्षेत्र में जगह-जगह भूस्खलन और ल्हासे गिरने से सड़कें बंद हो गई हैं। सुलयाली-दुनेरा मार्ग भारी भूस्खलन के बाद बंद हुआ जिसे विभाग की मशीनरी ने कड़ी मशक्कत के बाद बहाल किया। नूरपुर कोर्ट रोड भी भूस्खलन से बंद पड़ा है, जिससे विद्युत खंभों को खतरा पैदा हो गया है। जिला में लगातार बारिश और फोरलेन निर्माण के दौरान पानी निकासी की उचित व्यवस्था न होने से कई सड़कें पानी से लबालब भर गई हैं। नाले और खड्ड पुलों को छूकर बह रहे हैं, जिससे हालात बेहद खतरनाक बने हुए हैं। प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि भारी वर्षा के दौरान घरों में सुरक्षित रहें और अनावश्यक जोखिम न उठाएं।

उधर, भारी बारिश ने चंबा जिला में तबाही मचाई है। पिछले कल से लगातार हो रही बारिश से जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हो गया है। पठानकोट-भरमौर नेशनल हाईवे सहित जिला की लगभग 82 मुख्य सड़कें यातायात के लिए बाधित हो गई हैं। करीब 410 बिजली ट्रांसफार्मर ठप हो गए हैं और 40 पेयजल योजनाएं प्रभावित हुई हैं, जिससे लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। वहीं डलहौजी तहसील के करेनलु नाले में बादल फटने से तीन वाहन बह गए और एक सामुदायिक भवन क्षतिग्रस्त हो गया। जिला प्रशासन ने खराब मौसम को देखते हुए पवित्र मणिमहेश यात्रा को अस्थाई रूप से रोक दिया है। भरमौर के एडीएम कुलबीर राणा ने श्रद्धालुओं से सुरक्षित स्थानों पर ठहरने और जोखिम न उठाने की अपील की है।

राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र के अनुसार इस मॉनसून सीजन में वर्षा से जुड़ी घटनाओं में अब तक 303 लोगों की मृत्यु हो चुकी है जबकि 37 लोग अभी भी लापता बताए गए हैं। मंडी जिला में सबसे अधिक 51 लोगों की जान गई है। प्रदेश के कई हिस्सों में बारिश का कहर जारी है और प्रशासन राहत व बचाव कार्यों में जुटा हुआ है।

MadhyaBharat 25 August 2025

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