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मध्य प्रदेश में लगातार भारी बारिश से बिगड़े हालात
bhopal, Situation worsened ,Madhya Pradesh

भोपाल । मध्य प्रदेश में मानसून का असर लगातार गहराता जा रहा है। शुक्रवार से शुरू हुआ तेज बारिश का सिलसिला शनिवार को भी थमने का नाम नहीं ले रहा है। मौसम विभाग ने प्रदेश के कई हिस्सों में भारी से अति भारी वर्षा की चेतावनी जारी की है। इंदौर, उज्जैन, भोपाल, ग्वालियर और जबलपुर जैसे बड़े शहरों के साथ-साथ झाबुआ, धार, शाजापुर, राजगढ़, गुना, मंदसौर, नीमच, रतलाम, आगर-मालवा और श्योपुर जिलों में भी अलर्ट जारी किया गया है।

विभाग का कहना है कि फिलहाल प्रदेश में तीन-तीन वेदर सिस्टम एक साथ सक्रिय हैं, जिनमें एक सुस्पष्ट निम्न दाब क्षेत्र और मानसून ट्रफ शामिल है। इसी कारण से लगातार तेज बारिश हो रही है और कई जगहों पर बाढ़ जैसे हालात बन गए हैं। अगले 48 घंटे तक यही स्थिति बनी रहने की संभावना जताई जा रही है। मौसम वैज्ञानिक वेद प्रकाश सिंह ने बताया कि एक से पांच सितम्‍बर तक दीर्घावधि औसत से 25% अधिक, पूर्वी मध्य प्रदेश मे औसत से 22% अधिक, पश्चिमी मध्य प्रदेश में औसत से 28% अधिक वर्षा हो चुकी है।


राज्य के पश्चिमी और उत्तरी इलाकों में शुक्रवार से ही जोरदार बारिश का दौर जारी है। मालवा-निमाड़ अंचल में कई जगह झमाझम पानी गिरा। उज्जैन में शिप्रा नदी का जलस्तर बढ़ने से निचले इलाकों में पानी भर गया। रतलाम में सड़कों पर दो-दो फीट पानी बहने लगा। उज्जैन में कई घरों और दुकानों में पानी घुस गया। भारी बारिश की आशंका को देखते हुए इंदौर, उज्जैन, ग्वालियर और धार में स्कूलों और आंगनबाड़ियों में अवकाश घोषित कर दिया गया है। इंदौर में जिला प्रशासन ने शनिवार को सभी सरकारी और निजी स्कूलों को बंद रखने का आदेश दिया है।

बारिश के आंकड़ों की बात करें तो शुक्रवार को उज्जैन में सवा दो इंच, इंदौर में डेढ़ इंच और शिवपुरी में एक इंच पानी दर्ज किया गया। इसके अलावा भोपाल, दतिया, गुना, ग्वालियर, नर्मदापुरम, रतलाम, सिवनी, टीकमगढ़, बालाघाट, धार, बड़वानी, श्योपुर, विदिशा और मुरैना में हल्की से मध्यम बारिश का दौर जारी रहा। तेज बारिश के कारण नदियां-नाले उफान पर आ गए हैं और हादसों की घटनाएं भी सामने आ रही हैं। राजगढ़ जिले के सारंगपुर में कालीसिंध नदी के पुल से एक कार बह गई, जिसमें स्थानीय भाजपा नेता का बेटा सवार था।

उज्जैन जिले के नंदयासी गांव में भी पुल पार करते समय कार बागेड़ी नदी में बह गई, हालांकि ग्रामीणों ने चालक को सुरक्षित बचा लिया। श्योपुर जिले में कूनो नदी उफान पर है। इसी कारण दिमरछा गांव की एक गर्भवती महिला को पुलिस और एसडीआरएफ की टीम ने नाव से निकालकर अस्पताल पहुंचाया। उधर, नीमच जिले के रतनगढ़ में स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों की बोलेरो गाड़ी नदी के तेज बहाव में फंस गई। गाड़ी कुछ दूरी तक बहते हुए एक पेड़ से टकराकर रुक गई और मौके पर मौजूद लोगों ने डॉक्टरों व ड्राइवर को सुरक्षित निकाल लिया।

इटारसी में सुखतवा नदी में नहाने गए दादा-पोते की डूबने से मौत हो गई, जिनके शव अगले दिन बरामद हुए। धार जिले के मुलथान गांव में चार मकान गिर गए, जबकि मनावर और केसूर क्षेत्र में भी दीवारें और बाजार जलमग्न हो गए। खरगोन जिले के महेश्वर में नर्मदा नदी का जलस्तर सामान्य से चार मीटर ऊपर दर्ज किया गया है।

नर्मदा नदी के तटीय क्षेत्रों में खास सतर्कता बरती जा रही है। मंडलेश्वर और महेश्वर में अलर्ट जारी है और निचले इलाकों में मुनादी कर लोगों को सुरक्षित स्थानों पर जाने की सलाह दी जा रही है। ओंकारेश्वर और इंदिरा सागर बांध के गेट खोल दिए गए हैं। ओंकारेश्वर से करीब 10 हजार क्यूमैक्स पानी छोड़े जाने से नर्मदा का जलस्तर तेजी से बढ़ा है। देवास में दो घंटे में 70 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई, जिससे कई कॉलोनियों में जलभराव हो गया। रतलाम जिले में अब तक औसत 1128 मिमी बारिश दर्ज हो चुकी है, जबकि देवास जिले में 726.5 मिमी वर्षा हो चुकी है।

श्योपुर जिले में चंबल और कूनो नदी का संगम होने से स्थिति और विकट हो गई है। वीरपुर तहसील का दीमरछा गांव पूरी तरह पानी से घिर गया। यहां से गर्भवती महिला समेत 16 लोगों को रेस्क्यू किया गया है। भिंड में चंबल और क्वारी नदी का जलस्तर खतरे के निशान के पास पहुंच गया है। शिवपुरी जिले के मड़ीखेड़ा डैम से लगातार पानी छोड़ा जा रहा है, जिसके कारण दतिया जिले में सिंध नदी उफान पर है और पानी पुल तक पहुंच गया है।

लगातार तेज बारिश के कारण कई जिलों में जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है। सड़कें और बाजार जलमग्न हैं, कई गांवों का संपर्क टूटा हुआ है और प्रशासन को लगातार रेस्क्यू ऑपरेशन चलाना पड़ रहा है। मौसम विभाग ने साफ कर दिया है कि अगले दो दिन तक बारिश का यही सिलसिला जारी रहेगा। राज्य सरकार ने सभी प्रभावित जिलों के कलेक्टरों को अलर्ट पर रहने, राहत और बचाव कार्य के लिए टीमों को तैनात रखने और निचले इलाकों से लोगों को सुरक्षित स्थानों पर भेजने के निर्देश दिए हैं।

 

MadhyaBharat 6 September 2025

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