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हास्य-व्यंग्य के राष्ट्रीय कवि सुरजीत अब नहीं रहे
dhamtari, National poet ,no more

धमतरी । प्रसिद्ध हास्य-व्यंग्य के राष्ट्रीय कवि, अखिल भारतीय कवि सम्मेलनों के लोकप्रिय मंच संचालक तथा जिला हिंदी साहित्य समिति के संरक्षक सुरजीत नवदीप अब हमारे बीच नहीं रहे। सोमवार 15 सितंबर की देर रात को उनका निधन धमतरी के निवास स्थान रिसाईपारा में हो गया। उनका अंतिम संस्कार आज मंगलवार काे हाेगा। उनकी लेखनी, हास्य की सहज शैली, समाज की जटिलताओं पर व्यंग्यात्मक टिप्पणी और मंचीय उपस्थिति ने उन्हें पूरे देश में एक विशिष्ट पहचान दी थी।   

 

सुरजीत नवदीप का जन्म एक जुलाई 1937 को मंडी भवलदीन, पंजाब जो वर्तमान में पाकिस्तान में स्थित है में हुआ। उन्होंने उच्च शिक्षा प्राप्त कर एम.ए. हिंदी के साथ बी.एड. और सी.पी.एड. की उपाधियां अर्जित की। शिक्षा के क्षेत्र में दीर्घकालीन सेवा देने के बाद वे सेवानिवृत्त होकर स्वतंत्र लेखन और साहित्य सेवा में सक्रिय रहे। वे छत्तीसगढ़ राजभाषा आयोग के सदस्य भी रह चुके थे। हास्य और व्यंग्य की सहज शैली में गंभीर सामाजिक मुद्दों को प्रस्तुत करने की कला उनके व्यक्तित्व की पहचान थी। वे मंच पर जहां हास्य का रस घोलते थे वहीं समाज की विसंगतियों पर गंभीर चिंतन भी प्रस्तुत करते थे। युवा पीढ़ी के लिए वे प्रेरणास्रोत बने। श्री नवदीप का नाम हिंदी हास्य-व्यंग्य कविता में सम्मानपूर्वक लिया जाता है। उन्होंने न केवल कविताओं का लेखन किया बल्कि देश की विविध पत्र-पत्रिकाओं में गीत, गजल, हास्य-व्यंग्य कविता और कहानियों का प्रकाशन किया। रेडियो और टीवी में अनेक बार काव्यपाठ तथा कार्यक्रम का संचालन कर साहित्य प्रेमियों के बीच लोकप्रियता अर्जित की।
 कवि नवदीप के निधन से धमतरी ही नहीं बल्कि पूरे छत्तीसगढ़ का साहित्यिक समाज शोकाकुल है। उनकी रचनाएं, उनकी आवाज, उनकी उपस्थिति मंचों को जीवंत बनाती थी। साहित्य प्रेमी उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित कर उनकी स्मृतियों को साझा कर रहे हैं। धमतरी जिला हिन्दी साहित्य समिति के अध्यक्ष डुमन लाल ध्रुव ने साहित्य समिति परिवार की ओर से श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए कहा कि हास्य के साथ-साथ समाज की गंभीरताओं पर ध्यान आकर्षित करने वाला यह व्यक्तित्व हमेशा प्रेरणा देता रहेगा।

 

MadhyaBharat 16 September 2025

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