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सोयाबीन उत्पादक किसानों को लाभान्वित करेगी भावांतर योजना : मुख्यमंत्री डॉ. यादव
bhopal, Bhavantar Yojana , Chief Minister Dr. Yadav
भोपाल । मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने अन्नदाताओं की चिंता कर सोयाबीन को निर्धारित न्यूनतम समर्थन मूलय 5328 रुपये प्रति क्विंटल निर्धारित की है। मध्य प्रदेश सरकार किसानों को उनके उत्पादन का मूल्य दिलवाने के लिए प्रतिबद्ध है। जिस तरह धान और गेहूं पर किसानों को उनके परिश्रम की कीमत दिलवाने का कार्य किया गया है, उसी तरह सोयाबीन उत्पादक किसानों को भी लाभ दिलवाया जाएगा।


मुख्यमंत्री डॉ. यादव सोयाबीन उत्पादक किसानों के लिए लागू की जा रही भावांतर योजना के संबंध में शुक्रवार शाम को अपने निवास कार्यालय समत्व भवन से वीडियो कॉन्फ्रेंस द्वारा कलेक्टर्स को निर्देशित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि प्रदेश में सोयाबीन उत्पादक किसानों के हित में प्रारंभ की जा रही भावांतर योजना को लागू करने के लिए जिला स्तर पर प्रशासनिक अमले को दायित्व दिए जाएं। इस योजना की विशेषताओं को प्रत्येक स्तर पर प्रचारित किया जाए, जिससे अधिक से अधिक किसानों को इसका लाभ मिले। सांसद, विधायक एवं अन्य जनप्रतिनिधि योजना के प्रचार-प्रसार के लिए सोशल मीडिया प्लेटफार्म का भी उपयोग करें।


मुख्यमंत्री ने कहा कि सभी कलेक्टर्स किसानों को उनकी उपज का सही मूल्य दिलवाने के लिए व्यवस्थाएं सुनिश्चित करें। किसी भी स्तर पर गड़बड़ी नहीं होना चाहिए। हितग्राही को सीधा लाभ मिलना चाहिए। सभी के प्रयासों से भावांतर योजना पूर्णता सफल होगी। वीडियो कांफ्रेंस में भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल भी उपस्थित थे। वीडियो कॉन्फ्रेंस में विभिन्न मंत्री, सांसद, विधायक, जिला पंचायत अध्यक्ष, मुख्य सचिव अनुराग जैन, संबंधित वरिष्ठ अधिकारी, समस्त कलेक्टर्स-कमिश्नर्स, राजस्व और कृषि विभाग के अधिकारी भी शामिल हुए।


10 अक्टूबर से शुरू होंगे पंजीयन
बैठक में बताया गया कि भावांतर योजना के लिए निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार प्रदेश में ई-उपार्जन पोर्टल पर पंजीयन का कार्य 10 अक्टूबर से प्रारंभ होकर 25 अक्टूबर 2025 तक चलेगा। भावांतर की अवधि 01 नवम्बर से 2025 से 31 जनवरी 2026 तक रहेगी। पंजीकृत कृषक और उनके रकबे के सत्यापन की प्रक्रिया राजस्व विभाग के माध्यम से होगी। किसानों के भावांतर की राशि पंजीयन के समय दर्ज बैंक खाते में सीधे हस्तांतरित की जाएगी।


भावांतर योजना, एक नजर में
प्रधानमंत्री अन्नदाता आय संरक्षण अभियान के अंतर्गत अधिसूचित तिलहनी फसल के लिए भावांतर योजना वर्ष 2018-19 से लागू की गई है। भारत सरकार ने घोषित न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) तथा राज्य के मंडी के मॉडल भाव/विक्रय मूल्य अंतर की राशि कृषकों को दिलवाने का प्रावधान किया है। किसान पूर्व की तरह अपनी उपज मंडियों में बेचेंगे। एमएसपी और मंडी का मॉडल भाव/विक्रय मूल्य के बीच के अंतर की राशि का किसान को डीबीटी से भुगतान किया जायेगा। किसान द्वारा ई-पोर्टल पर पंजीयन अनिवार्य होगा। उदाहरण के लिए किसान का उत्पादन मॉडल भाव 4600 रूपए पर हुआ है तो समर्थन मूल्य 5328 में से शेष अर्थात् भावांतर राशि 628 रुपये प्रति क्विंटल राज्य सरकार द्वारा प्रदान किए जाएंगे। किसान को समर्थन मूल्य बराबर ही राशि प्राप्त होगी। यदि किसान की उपज का विक्रय मूल्य एमएसपी से कम है परंतु राज्य के औसत मॉडल प्राइज के समतुल्य है, ऐसी स्थिति में भी किसान को एमएसपी और बिक्री मूल्य के भावांतर की राशि प्रदान की जाएगी। तीसरी स्थिति में कृषि उपज का विक्रय मूल्य राज्य के औसम मॉडल प्राइस से कम होने की दिशा में किसान को एमएसपी और घोषित औसत मॉडल प्राइस के भावांतर की राशि प्रदान की जाएगी। प्रत्येक स्थिति में किसान का लाभ सुनिश्चित किया जाएगा।


मुख्यमंत्री डॉ. यादव को वीडियो कॉन्फ्रेंस से जुड़े अनेक जनप्रतिनिधियों ने इस योजना को प्रारंभ करने की पहल के लिए बधाई दी। किसान कल्याण एवं कृषि विकास मंत्री एदल सिंह कंषाना, कौशल विकास एवं रोजगार राज्य मंत्री गौतम टेटवाल, सांसद ज्ञानेश्वर पाटिल, विधायकगण राजेन्द्र पांडे, आशीष शर्मा, मुरली भंवरा, रमेश खटीक, हरदीप सिंह डंग, अरूण भीमावद, मधु गेहलोत, तेज बहादुर सिंह चौहान सहित अनेक जनप्रतिनिधियों ने मुख्यमंत्री डॉ. यादव को धन्यवाद देते हुए कहा कि किसानों को सोयाबीन उत्पादन का पूरा लाभ मिलेगा। निश्चित ही यह सही समय पर उठाया गया सही कदम है।


सेवा पखवाड़े और अंत्योदय उत्सव को सफल बनाएं जनप्रतिनिधि
मुख्यमंत्री डॉ. यादव एवं हेमंत खण्डेलवाल ने प्रदेश में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के जन्मदिवस 17 सितम्बर से प्रारंभ होकर गांधी/शास्त्री जयंती 02 अक्टूबर तक हो रहे सेवा पखवाड़े, पंडित दीनदयाल उपाध्याय जी की जयंती 25 सितम्बर से 02 अक्टूबर तक स्वदेशी जागरण सप्ताह और 22 सितम्बर से आगामी दीपावली तक निरंतर चलने वाले जीएसटी उत्सव की गतिविधियों को सफल बनाने का आग्रह, जनप्रतिनिधियों से किया।


मुख्यमंत्री के प्रमुख निर्देश
- सभी आवश्यक व्यवस्था की जाएं। कलेक्टर और संबंधित अधिकारी किसानों का हित निश्चित करें। अधिकारियों को क्षेत्रवार दायित्व दिए जाएं।
- भावांतर योजना के क्रियान्वयन को प्राथमिकता दें।
- जिला स्तर पर नियमित समीक्षा भी हो। किसानों को सही दाम मिले, इसकी मॉनिटरिंग हो।
- भावांतर योजना किसानों के हित में है, इसका प्रचार-प्रसार किया जाये।
- सभी जनप्रतिनिधि सोशल मीडिया से प्रचार में भी सहयोग करें।
- पात्र किसान समय पर पंजीयन करवा लें जिससे पात्र किसान लाभ से वंचित न रहें।

 

 

MadhyaBharat 27 September 2025

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