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छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय ने जन्मदिन को सड़क पर मनाए जाने को लेकर जताई कड़ी नाराजगी
bilaspur, Chhattisgarh High Court , birthday celebrations

बिलासपुर । छत्तीसगढ़ हाई कोर्ट ने जन्मदिन को सड़क पर मनाए जाने को लेकर एक बार फिर कड़ी नाराजगी जताई है। जनहित याचिका की सुनवाई के दौरान कोर्ट ने राज्य शासन के अधिवक्ता से कहा कि अब शायद आप लोग असफल हो गए हैं। अब हम उस व्यक्ति को पक्षकार बनाकर उन पर अदालत के आदेशों का उल्लंघन करने का मुकदमा चलाएंगे। क्योंकि आप स्थिति को नियंत्रित नहीं कर पा रहे हैं..? इस तरह को टिप्पणी करते हुए मुख्य न्यायाधीश रमेश कुमार सिन्हा और न्यायाधीश अमितेंद्र प्रसाद की खंडपीठ ने सुनवाई के दौरान कड़ी नाराजगी जाहिर की है। मामला यह था कि सोमवार को जनहित याचिका की सुनवाई चल रही थी। जिसमें सड़क पर जन्मदिन मनाने के मामले में स्वत: संज्ञान लेकर जवाब तलब चल रहा था। इस दौरान न्यायालय के संज्ञान लिए एक प्रकरण में जिसमें छत्तीसगढ़ के स्वास्थ्य मंत्री के निज सचिव राजेंद्र दास की पत्नी के जन्मदिन को सड़क पर मनाए जाने की घटना सामने आई। जिस पर न्यायालय ने कड़ी प्रतिक्रिया देते हुए कहा स्वास्थ्य मंत्री का आखिरकार नाम आ रहा है, तो उन्हें इस पर संज्ञान लेकर कार्रवाई करनी चाहिए। वहीं इस तरह के मामलों के दोहराव होने के कारण राज्य शासन को कड़ी नाराजगी जताई है।

 

दरअसल प्रदेश में सड़क पर कार खड़ी करके या लग्जरी गाड़ियों का काफिला लगाकर केक काटकर उत्सव मनाए जाने के कई मामले उजागर हुए है। जिस पर छत्तीसगढ़ हाई कोर्ट ने कई मामले को संज्ञान लिया और राज्य सरकार को इस पर रोक लगाने के निर्देश दिए। लेकिन इस तरह की घटनाएं रुकने का नाम नहीं ले रही हैं।

 

कुछ दिनों पहले स्वास्थ्य मंत्री के निज सहायक बीच सडक़ पर अपनी पत्नी का जन्मदिन मनाते, पटाखे और आतिशबाजी का वीडियो वायरल हुआ। बताया जा रहा है कि इसे सोशल मीडिया एक्स पर फोटो और वीडियो पोस्ट किया गया। वहीं यह फोटो वीडियो नगर निगम चिरमिरी के डोमनहिल स्थित सोनावनी नाका (दादू लाहिड़ी चौक) का है। जिस पर न्यायालय ने कड़ी नाराजगी जताई है।

 

दरअसल बीते दिनों नीली बत्ती लगी कार के बोनट पर केक काटने और चलती गाड़ी में स्टंट का वीडियो सोशल मीडिया और समाचार माध्यमों में वायरल हुआ था। कार के बोनट पर बैठी दिख रही महिला की पहचान बलरामपुर-रामानुजगंज की 12वीं बटालियन के डीएसपी तस्लीम आरिफ की पत्नी के रूप में हुई थी। जिसे न्यायालय ने संज्ञान लिया था। जिसके बाद कार्रवाई की गई। वही एक मामले में रायपुर में माल ओनर के बेटे, दूसरे में एक कांग्रेस नेता और तीसरे में रायपुर महापौर के बेटे द्वारा सड़क पर आयोजन किया गया। इसी तरह बिलासपुर के रतनपुर बाईपास रोड पर कुछ युवा लड़कों को बीच सड़क पर जन्मदिन मनाते हुए पाया गया और तलवार से केक काटा जा रहा था। इस कृत्य के कारण ट्रैफिक जाम और सार्वजनिक उपद्रव की स्थिति पैदा हो गई। मीडिया में आने बाद कोर्ट ने इसे संज्ञान लेकर कडी फटकार लगाई। तब पुलिस ने 15 युवा लड़कों को गिरफ्तार कर और वाहनों के साथ एक तलवार भी जब्त कर ली और उनके खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धारा 126(2), 191(2) और शस्त्र अधिनियम की धारा 25 और 27 के तहत मामला भी दर्ज किया गया। इन 15 लड़कों में से 9 नाबालिग थे और जो बालिग हैं, उनकी उम्र भी महज 18 साल है। इस तरह की लगातार घटनाएं प्रदेश में बढ़ते जा रहे हैं।

 

 

मुख्य न्यायाधीश की बेंच ने सुनवाई के दौरान क्या कहा: बेंच ने राज्य शासन का पक्ष रखने वाले महाधिवक्ता से कहा अब शायद आप लोग असफल हो गए हैं। अब हम उस व्यक्ति को पक्षकार बनाकर उन पर अदालत के आदेशों का उल्लंघन करने का मुकदमा चलाएंगे। हम इन लोगों को यहाँ लागू करेंगे और क्योंकि आप असहाय हैं क्योंकि आप स्थिति को नियंत्रित नहीं कर पा रहे हैं, आप केवल एफआईआर दर्ज कराते हैं, वे 5,000, 10,000 का जुर्माना भरते हैं। और छूट जाते हैं। चीफ जस्टिस ने कहा इस प्रकार की घटनाओं में अदालत के अधिकार को चुनौती दिया जा रहा है। अगर वे अदालत के अधिकार को चुनौती देना चाहते हैं, तो आप उन्हें बताएँगे कि अदालत का अधिकार कैसे स्थापित किया जाए।

 

 

 

 

MadhyaBharat 13 October 2025

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