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धनतेरस की रौनक से जगमगाया रामानुजगंज बाजार
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बलरामपुर । धनतेरस पर्व के आगमन के साथ ही रामानुजगंज बाजार पूरी तरह त्योहारी रंग में रंग चुका है। दीपावली की आहट ने शहर में उत्साह, उल्लास और उमंग का वातावरण बना दिया है। मुख्य बाजार से लेकर गलियों तक रोशनी, झालरों और रंग-बिरंगे सजावट से ऐसा प्रतीत हो रहा है मानो पूरा नगर दीपों की माला से सज गया हो।

 
सुबह से ही बाजारों में भीड़ उमड़ने लगी। लोग शुभ मुहूर्त में सोना, चांदी, बर्तन, वाहन, इलेक्ट्रॉनिक वस्तुएं और गृह सज्जा से जुड़ी चीजें खरीदने के लिए दुकानों पर जुट रहे हैं। हर दुकान पर ग्राहकों की भीड़ देखकर व्यापारियों के चेहरे पर लंबे समय बाद मुस्कान लौट आई है।
 
सराफा बाजार में चमक बढ़ी
 
रामानुजगंज का सराफा बाजार इस बार पहले से अधिक चमकदार नजर आ रहा है। दुकानों में नये डिजाइन के आभूषणों की भरमार है। महिलाओं में सोने-चांदी के सिक्के, झुमके और चूड़ियों की खूब मांग देखी जा रही है। अनिल जैन (सराफा व्यापारी) ने बताया, धनतेरस पर इस बार ग्राहकों की संख्या काफी बढ़ी है। पिछले साल की तुलना में लगभग 25 प्रतिशत अधिक बिक्री की संभावना है। खास बात यह है कि युवा वर्ग भी छोटे-छोटे आभूषण और सिक्के खरीदकर शुभ शुरुआत कर रहा है।
 
बर्तन और गृहसज्जा की दुकानों पर भी रौनक
 
धनतेरस पर बर्तन खरीदना शुभ माना जाता है, और इस परंपरा ने बर्तनों की दुकानों में रौनक बढ़ा दी है। स्टील, पीतल और तांबे के बर्तनों की बिक्री लगातार बढ़ रही है। इलेक्ट्रॉनिक दुकानों पर इंडक्शन, मिक्सर, कुकर और किचन सेट्स के लिए ग्राहकों की कतार लगी है। मालवीय मार्केट के दुकानदार दीपक अग्रवाल ने बताया, ग्राहकों में जोश देखने लायक है। इस बार लोग सिर्फ खरीदारी नहीं, बल्कि उत्सव का आनंद लेने भी निकल रहे हैं। हर चेहरे पर मुस्कान और हर दुकान पर चहल-पहल बनी हुई है।
 
मिठाई और सजावट का भी जलवा
 
धनतेरस का जिक्र हो और मिठाई का नाम न आए, यह संभव नहीं। मिठाई की दुकानों में ग्राहकों की भीड़ लगी हुई है। काजू कतली, बर्फी, लड्डू और सोहन पापड़ी की मांग चरम पर है। साथ ही, बाजार में रंगीन दीयों, झालरों, तोरण और सजावटी लाइट्स की भी खूब बिक्री हो रही है। रीता गुप्ता (ग्राहक) ने बताया, हर साल की तरह इस बार भी धनतेरस पर घर के लिए नया बर्तन और बच्चों के लिए उपहार खरीदे हैं। पूरे परिवार के साथ खरीदारी करने का आनंद ही अलग होता है।
 

प्रशासन ने भी की तैयारी

 

नगर परिषद ने त्योहारी भीड़ को ध्यान में रखते हुए सफाई, यातायात और प्रकाश व्यवस्था की विशेष तैयारी की है। पुलिस जवान लगातार पेट्रोलिंग कर रहे हैं ताकि बाजार में सुरक्षा बनी रहे। नगरपालिका कर्मियों ने पूरे बाजार में सफाई अभियान चलाकर वातावरण को स्वच्छ और आकर्षक बनाया है।

 
नगर के पंडित ददन पाण्डेय ने बताया कि, धनतेरस हिंदू धर्म का अत्यंत महत्वपूर्ण पर्व है, जो दीपावली के पांच दिवसीय उत्सव की शुरुआत का प्रतीक है। धार्मिक मान्यता के अनुसार, इस दिन भगवान धन्वंतरि समुद्र मंथन से अमृत कलश और औषधियों के साथ प्रकट हुए थे। भगवान धन्वंतरि को आयुर्वेद और स्वास्थ्य का देवता माना जाता है, इसलिए यह दिन स्वास्थ्य, समृद्धि और दीर्घायु की कामना के लिए विशेष रूप से पूजनीय है। इसी कारण धनतेरस को “धन” यानी संपत्ति और “तेरस” यानी तिथि से जोड़कर समृद्धि का पर्व कहा गया है।

उन्हाेनें कहा इसके साथ ही एक और कथा प्रचलित है कि इस दिन राजा हिम का पुत्र हेमराज अपने कर्मों के कारण अल्पायु में मृत्यु को प्राप्त होने वाला था, लेकिन उसकी पत्नी ने दीपक जलाकर, सोने-चांदी के आभूषणों से चौखट सजाकर और भगवान यमराज की पूजा कर उसकी मृत्यु को टाल दिया। तब से धनतेरस पर दीपदान और खरीदारी का शुभ कार्य आरंभ हुआ। हिंदू परंपरा में यह दिन न केवल धन और वैभव का प्रतीक है, बल्कि स्वास्थ्य, सौभाग्य और दीर्घायु की कामना का भी प्रतीक माना जाता है।
 
उल्लेखनीय है कि, धनतेरस सिर्फ खरीदारी का पर्व नहीं, बल्कि यह समृद्धि, सौभाग्य और सकारात्मकता का प्रतीक है। रामानुजगंज का बाजार इस बार दीपों की रौशनी के साथ लोगों की उम्मीदों, मुस्कानों और उत्सव की भावना से भी जगमगा रहा है। व्यापारी और ग्राहक दोनों ही इस त्योहारी माहौल का दिल खोलकर आनंद ले रहे हैं।

 

 

 

MadhyaBharat 18 October 2025

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