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धान कटाई-मिंजाई में आई तेजी बेमौसम बारिश ने बढ़ाई किसानों की चिंता
dhamtari, Paddy harvesting , farmers

धमतरी । दीपावली और भाईदूज जैसे प्रमुख त्योहारों के समापन के साथ ही ग्रामीण अंचल के खेतों में अब खरीफ धान फसल की कटाई-मिंजाई का दौर शुरू हो गया है। किसान और मजदूर सुबह से शाम तक खेतों में जुटे हैं। कहीं हसिया से कटाई हो रही है, तो कहीं हार्वेस्टर से धान कटाई हाे रही है।

हालांकि इस बीच मौसम का बदला मिजाज किसानों के माथे पर चिंता की लकीरें खींच रहा है। बीते दो दिनों से से आसमान में बादल छाए हुए हैं। रात में धमतरी शहर सहित आसपास के ग्राम श्यामतराई रोड, सोरम, पोटियाडीह, डोड़की, हरफतराई और भानपुरी क्षेत्रों में हल्की बारिश हुई। बारिश थमने के बाद भी आसमान में बादल मंडरा रहे हैं, जिससे खेतों में कटाई-मिंजाई कर रहे किसानों की चिंता और बढ़ गई। मौसम की इस अनिश्चितता को देखते हुए अधिकांश किसान अब अपने खेतों की फसल की कटाई-मिंजाई हार्वेस्टर से तेजी से करा रहे हैं, ताकि समय रहते कार्य पूरा हो सके और बेमौसम बारिश से नुकसान न हो। किसानों का कहना है कि इस समय फसल पूरी तरह पक चुकी है और यदि बारिश तेज होती है, तो कटाई की गई फसल खराब हो सकती है, जिससे भारी नुकसान उठाना पड़ सकता है। त्योहारों के बाद एक साथ कटाई-मिंजाई शुरू होने से मजदूरों की कमी भी देखने को मिल रही है। कई किसान मजदूर न मिलने के कारण मजबूरन मशीनों का सहारा ले रहे हैं। मजदूरों की किल्लत और मौसम की अनिश्चितता के बावजूद किसान फसल की सुरक्षा को लेकर सतर्क हैं। गांव-गांव में धान कटाई की गतिविधियां जोर पर हैं। कई जगह कीट प्रकोप की शिकायत भी आ रही है जिससे किसान परेशान हैं। श्यामतराई, शंकरदाह, भटगांव, खरतुली, मुजगहन, खपरी, रत्नाबांधा और देमार जैसे इलाकों में खेतों में सुनहरी बालियां झूम रही हैं। वहीं, बेमौसम बारिश के चलते किसान आसमान की ओर टकटकी लगाए हुए हैं। फिलहाल हल्की बूंदाबांदी के बाद मौसम साफ है, लेकिन बादल भरे आसमान के बीच किसान उम्मीद कर रहे हैं कि अब बारिश न हो, ताकि मेहनत की फसल सही सलामत घर तक पहुंच सके।

संबलपुर केंद्र के वरिष्ठ कृषि वैज्ञानिक डा शक्ति वर्मा ने कहा कि मौसम में बदलाव से फसलों में कीट प्रकोप होना सामान्य है। किसान मनमाफिक तरीके से दवा का छिड़काव न करें, बल्कि कृषि विशेषज्ञों से सलाह लेकर ही दवा का उपयोग करें।

MadhyaBharat 26 October 2025

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