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सीजीपीएससी मामले में छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय का बड़ा फैसला
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बिलासपुर । छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग गड़बड़ी के मामले में उच्च न्यायालय ने राज्य सरकार को बड़ा झटका दिया है। इस मामले की सुनवाई के दौरान कोर्ट ने शासन की अपील को ख़ारिज कर दिया है।उच्च न्यायालय की डबल बेंच ने राज्य सरकार की याचिका को खारिज करते हुए उन 37 चयनित अभ्यर्थियों के पक्ष में फैसला सुनाया है, जिनके खिलाफ अब तक सीबीआई ने कोई चार्जशीट दाखिल नहीं की है। कोर्ट ने स्पष्ट निर्देश दिया है कि ऐसे अभ्यर्थियों को नियुक्ति (ज्वाइनिंग) दी जाए। जिसके बाद अब 2021–2022 में चयनित 37 उम्मीदवारों की नियुक्ति का रास्ता साफ हो गया है।

 

कुछ समय पहले याचिकाकर्ताओं की तरफ से लगाई गई याचिका पर सिंगल बेंच ने जिनके नाम चार्ज शीट में नहीं है उन्हें नियुक्ति देने का आदेश दिया था। सिंगल बेंच के आदेश को शासन ने चीफ जस्टिस के डिवीजन बेंच में अपील की थी। वही इस मामले को लेकर 14 अक्टूबर 2025 को पिछली सुनवाई में इस न्यायालय को सीजीपीएससी के अन्य उम्मीदवारों और अधिकारियों की भूमिका की आगे की जांच के संबंध में स्थिति रिपोर्ट से अवगत कराने कहा। राज्य सरकार के अधिवक्ता द्वारा यह प्रस्तुत किया गया है कि, आक्षेपित आदेश के विरुद्ध, राज्य द्वारा कई अन्य रिट अपीलें उन अभ्यर्थियों के विरुद्ध प्रस्तुत की गई हैं जो रिट न्यायालय के समक्ष पक्षकार थे। इस दृष्टि से, ऐसी सभी अपीलें वर्तमान अपील से संबद्ध होंगी।

 

जस्टिस रमेश कुमार सिन्हा और जस्टिस विभु दत्त गुरु की डिवीजन बैंच में इस मामले की सुनवाई हुई। जिसमें शासन ने स्टेटस रिपोर्ट दिया। जिसमें न्यायालय ने पाया कि आज तक की दिनांक तक इन 37 उम्मीदवारों कि इस पीएससी गड़बड़ी में सीबीआई की जांच में कोई भागीदारी सामने नहीं आई है। वहीं पूर्व में सिंगल जज की बेंच के आदेश को मध्य नजर रखते हुए सभी याचिकाकर्ता को राहत देते हुए सरकार की अपील को खारिज किया है और सिंगल बैंच का आदेश बरकरार रखा है।

 

दरअसल वर्ष 2021–2022 में लोक सेवा आयोग की परीक्षा में घोटाला हुआ था। जिसमें आरोपितों ने राजनीतिक रसूख और प्रशासनिक अधिकारियों के रिश्तेदारों की नियुक्ति कर दी थी। मामले की सीबीआई जांच के बाद 7 की गिरफ्तारी हुई थी। जिसके बाद नियुक्ति पर रोक लगा दी गई थी। वहीं इस परीक्षा में अमित कुमार समेत अन्य चयनित  उम्मीदवारों ने उच्च न्यायालय में याचिका लगाई थी। इस मामले में सुनवाई करते हुए सिंगल बेंच ने जिनके नाम चार्ज शीट में नहीं है उन्हें नियुक्ति देने का आदेश दिया था। सिंगल बेंच के आदेश को शासन ने चीफ जस्टिस के डिवीजन बेंच में अपील की थी।

 

 छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग ने 26 नवंबर 2021 को 171 पदों के लिए विज्ञापन जारी किया था। इसमें डिप्टी कलेक्टर, डीएसपी, नायब तहसीलदार, जेल अधीक्षक और लेखाधिकारी जैसे अहम पद शामिल थे। परीक्षा के नतीजे 11 मई 2023 को जारी हुए।चयन प्रक्रिया पूरी होने के बाद भी नियुक्तियों पर रोक लगा दी गई क्योंकि परीक्षा में गड़बड़ी के आरोप लगे थे।

 

इस गड़बड़ी में आरोप पीएससी के कुछ पदाधिकारियों और उनके रिश्तेदारों के चयन को लेकर सवाल उठे। इसके बाद मामला अदालत  पहुंचा और सीबीआई को जांच सौंपी गई। इस जांच के चलते सभी चयनित अभ्यर्थियों की नियुक्ति अटक गई, भले ही उनके खिलाफ कोई आरोप न हो। ऐसे में कई अभ्यर्थियों ने कोर्ट में गुहार लगाई कि वे पूरी तरह पात्र और निर्दोष हैं, फिर भी उन्हें नियुक्ति नहीं मिल रही।

 

 

 

MadhyaBharat 6 November 2025

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