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पाकिस्तान प्रायोजित आतंकी मॉड्यूल का खुलासा तीन गिरफ्तार
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नई दिल्ली। दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने एक अंतरराष्ट्रीय आतंकी मॉड्यूल का खुलासा करते हुए तीन आतंकवादियों को गिरफ्तार किया। स्पेशल सेल की जांच में सामने आया है कि यह नेटवर्क पाकिस्तान में बैठे शहजाद भट्टी के निर्देशन में काम कर रहा था, जो वहां की खुफिया एजेंसी के इशारे पर भारत में हमलों की साजिशें रच रहा था।
स्पेशल सेल के अतिरिक्त पुलिस आयुक्त प्रमोद कुमार कुशवाहा ने रविवार को पुलिस मुख्यालय में पत्रकार वार्ता कर बताया कि दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने एक मॉड्यूल का भंडाफोड़ किया है जिसे एक पाकिस्तानी नागरिक शहजाद भट्टी लीड कर रहा था। शहजाद भट्टी एक गैंगस्टर है जो अभी पाकिस्तान की इंटेलिजेंस एजेंसी के इशारे पर काम कर रहा है। उक्त मामले में तीन लोगों को गिरफ्तार किया गया है। उनमें से एक पंजाब का हरगुनप्रीत सिंह है। दूसरा विकास प्रजापति है जो मध्य प्रदेश के दतिया का है और तीसरा आरिफ है जो उत्तर प्रदेश के बिजनौर का रहने वाला है।
अतिरिक्त पुलिस आयुक्त ने बताया कि हाल ही में 25 तारीख को गुरदासपुर सिटी पुलिस स्टेशन के सामने एक हैंड ग्रेनेड फेंका गया था, यही लड़के उस घटना में शामिल थे। इसके अलावा, स्पेशल सेल की जांच में यह भी पता चला है कि यह मॉड्यूल देश के कई अन्य संवेदनशील स्थानों पर हमले की तैयारी कर चुका था। आरोपितों ने कई जगहों की रेकी की थी और वहां की वीडियोग्राफी भी की थी, ताकि आगे ग्रेनेड हमलों को अंजाम दिया जा सके। शहजाद भट्टी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म और अपने अन्य संपर्कों के जरिए युवाओं को बहला-फुसलाकर इस नेटवर्क में शामिल कर रहा था। विदेश में बैठकर वह सीधे इस ग्रुप से संपर्क में रहता था और आतंकवादी गतिविधियों को संचालित करता था।
स्पेशल सेल के अनुसार, इस मॉड्यूल से जुड़े एक-दो और लिंक की पहचान हुई है, जिन्हें पंजाब पुलिस के साथ साझा किया जा रहा है। आगे की कार्रवाई में उन लोगों की भी गिरफ्तारी की जाएगी। आरोपित विकास प्रजापति के पास से एक पिस्तौल और कारतूस बरामद हुआ है। अतिरिक्त पुलिस आयुक्त ने बताया कि इस कार्रवाई से पाकिस्तान प्रायोजित आतंकी नेटवर्क पर बड़ी चोट लगी है और कई संभावित हमलों को समय रहते रोकने में सफलता मिली है।

गुरदासपुर पुलिस स्टेशन पर ग्रेनेड अटैक से जुड़ा था मॉड्यूल
स्पेशल सेल ने खुलासा किया कि यह मॉड्यूल 25 नवंबर को गुरदासपुर सिटी पुलिस स्टेशन के बाहर हुए ग्रेनेड हमले में शामिल था। यह हमला पाकिस्तान के शार्प हैंडलिंग और सोशल मीडिया के जरिए बनाए गए नेटवर्क के आधार पर किया गया था।

पकड़े गए आरोपित—
-विकास प्रजापति उर्फ बेटू (19), निवासी दतिया, मध्य प्रदेश।
-हरगुनप्रीत सिंह उर्फ गुरकरनप्रीत (19), निवासी फिरोजपुर, पंजाब।
-आसिफ उर्फ आरिश (22), निवासी बिजनौर, उत्तर प्रदेश
पुलिस ने इनके कब्जे से एक सेमी-ऑटोमेटिक पिस्टल, 10 जिंदा कारतूस और मोबाइल फोन बरामद किया है, जिनमें पाकिस्तान आधारित मॉड्यूल से जुड़े चैट और रेकी वीडियो मिले हैं।
 
ऐसे हुआ बेनकाब-
पुलिस अधिकारी के अनुसार स्पेशल सेल पिछले कई महीनों से पाकिस्तान-आधारित हैंडलर शाहज़ाद भट्टी की गतिविधियों पर गुप्त निगरानी रख रही थी। जांच में पता चला कि विकास उससे नियमित तौर पर सोशल मीडिया पर संपर्क में था और हथियार तस्करी में भी शामिल था। लगातार 48 घंटे तक चलाए गए ऑपरेशन के बाद उसे मध्य प्रदेश के इंदरगढ़ से पकड़ा गया। आगे पूछताछ में खुलासा हुआ कि मॉड्यूल पैसा दिखाकर युवाओं को अपने जाल में फंसाता था। इसके लिए सोशल मीडिया प्रोफाइल देखकर भर्ती की जाती थी। इतना ही नहीं पाकिस्तान से पूरी योजना—रेकी, फंडिंग, लॉजिस्टिक्स और टारगेट—रीमोटली कंट्रोल भी किया जाता था। इसके अलावा भारत में "फुट सोल्जर" के रूप में युवा लड़कों का इस्तेमाल किया जाता था।
किन-किन आरोपितों का क्या रोल था
पुलिस अधिकारी के अनुसार पकड़ा गया विकास प्रजापति उर्फ बेटू शाहज़ाद भट्टी से इंस्टाग्राम के जरिए जुड़ा। पैसे के लालच में हथियार तस्करी में उतरा। भट्टी ने उसे गुरदासपुर भेजकर एक पार्सल (ग्रेनेड) मंगवाया और वीडियो कॉल पर उसे चलाने का तरीका बताया। विकास ने पुलिस स्टेशनों की रेकी कर वीडियो भेजे और बाद में ग्रेनेड हरगुनप्रीत को सौंप दिया। वहीं पकड़ा गया हरगुनप्रीत सिंह उर्फ गुरकरनप्रीत पंजाब निवासी है। यह भी पैसे के लालच में मॉड्यूल से जुड़ा है। 25 नवंबर को उसने बाइक सवार साथी के साथ गुरदासपुर पुलिस स्टेशन के बाहर ग्रेनेड फेंककर हमला अंजाम दिया। इसके अलावा आसिफ उर्फ आरिश इंस्टाग्राम के जरिए भट्टी से जुड़ा। उसे भी पंजाब में ग्रेनेड अटैक करने का टास्क मिला था और वह आगे के निर्देशों का इंतजार कर रहा था।
MadhyaBharat 30 November 2025

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