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शनिवार को कोलकाता के साल्ट लेक स्टेडियम में अर्जेंटीना के महान फुटबॉलर लियोनेल मेस्सी के कार्यक्रम के दौरान अफरा-तफरी मच गई। हजारों प्रशंसकों ने बड़ी रकम खर्च कर टिकट खरीदी थी, लेकिन मेसी की एक साफ झलक न मिल पाने से उनका गुस्सा फूट पड़ा। भीड़ ने सुरक्षा घेरा तोड़ दिया, तोड़-फोड़ हुई और पुलिस को हस्तक्षेप करना पड़ा। यह कार्यक्रम 2011 के बाद मेस्सी की पहली भारत यात्रा थी, लेकिन खराब आयोजन और कुप्रबंधन के कारण यह उत्सव अराजकता में बदल गया। स्टेडियम में लगभग 50,000 लोग मौजूद थे और मेसी, लुईस सुआरेज व रोड्रिगो डी पॉल के साथ मैदान पर कदम रखते ही दर्शकों की भीड़ में घिर गए, जिससे आम प्रशंसक सिर्फ झलक पाने के लिए तरसते रह गए।
ममता बनर्जी ने जताया दुख और बनाई जांच समिति
पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने इस घटना पर गहरा दुख व्यक्त किया और मेसी तथा स्टेडियम में आए प्रशंसकों से माफी मांगी। उन्होंने कुप्रबंधन की जांच के लिए उच्च स्तरीय समिति गठित की, जिसकी अध्यक्षता कलकत्ता उच्च न्यायालय के सेवानिवृत्त न्यायाधीश न्यायमूर्ति आशीष कुमार राय करेंगे। इस समिति में गृह एवं पर्वतीय मामलों के विभाग के मुख्य सचिव और अतिरिक्त मुख्य सचिव भी शामिल होंगे। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह समिति पूरी घटना की जांच कर दोषियों की जिम्मेदारी तय करेगी और भविष्य में ऐसे हालात से बचने के उपाय सुझाएगी।
भारतीय फुटबॉल और मेसी का दौरा
मेस्सी तीन दिनों के भारत दौरे 2025 पर हैं, जिसकी शुरुआत कोलकाता से हुई। यह दौरा ऐसे समय में हो रहा है जब भारतीय फुटबॉल अपने सबसे निचले दौर से गुजर रहा है और फीफा रैंकिंग में 142वें स्थान पर है। देश में फुटबॉल फैंस के लिए यह दौरा एक खास अवसर था, लेकिन कुप्रबंधन और अव्यवस्था ने इस खुशी को कुछ हद तक फीका कर दिया। स्टेडियम में मेसी का दीदार करने आए लोग नाराज और निराश हुए, लेकिन उनके आने से भारतीय फुटबॉल प्रेमियों में उत्साह और चर्चा का नया दौर शुरू हुआ।
Patrakar Vandana singh
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