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संसद के शीतकालीन सत्र के दौरान लोकसभा में मनरेगा का नाम बदलने वाले बिल को लेकर राजनीतिक विवाद गर्मा गया है। कांग्रेस सांसद और लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर तीखा हमला किया है। उन्होंने कहा कि पीएम मोदी को महात्मा गांधी के विचारों और गरीबों के अधिकारों से पक्की नफरत है। राहुल गांधी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा कि मनरेगा करोड़ों ग्रामीणों की जिंदगी का सहारा है और कोविड काल में यह योजना आर्थिक सुरक्षा कवच साबित हुई। उन्होंने बताया कि मनरेगा की बुनियाद तीन मूल विचारों पर थी—रोजगार का अधिकार, गांव को प्रगति कार्य तय करने की स्वतंत्रता और केंद्र सरकार द्वारा मजदूरी का पूरा खर्च तथा समान लागत का 75% देना।राहुल गांधी ने कहा कि नया बिल इस पूरी व्यवस्था को बदलकर केंद्र में शक्ति केंद्रीत करने का प्रयास है। अब बजट, योजनाएं और नियम केंद्र तय करेगा और राज्यों को 40% खर्च उठाने के लिए मजबूर किया जाएगा। इसके चलते फसल कटाई या बजट खत्म होने पर ग्रामीणों को दो महीने तक काम नहीं मिलेगा। उन्होंने इसे महात्मा गांधी के आदर्शों का अपमान बताया और चेताया कि यह बिल ग्रामीण गरीबों की सुरक्षित रोजी-रोटी को खत्म करने का जरिया बन सकता है। राहुल गांधी ने कहा कि कांग्रेस इस जनविरोधी बिल का विरोध गांव की गलियों से संसद तक जारी रखेगी और गरीबों के अधिकारों की रक्षा करेगी।
Patrakar Vandana singh
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