Since: 23-09-2009
18 दिसंबर 2025 को लोकसभा में भारी विरोध के बीच भारत गारंटी फॉर रोजगार एंड आजीविका मिशन (ग्रामीण) यानी VB–G Ram G बिल पास हो गया। बिल पास होते ही विपक्ष ने जमकर हंगामा किया, सांसद वेल में पहुंचे और बिल के कागज फाड़कर फेंक दिए। हालात इतने बिगड़ गए कि सदन की कार्यवाही कल तक के लिए स्थगित करनी पड़ी। इससे पहले 16 दिसंबर को कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी ने इस बिल का विरोध करते हुए कहा था कि हर योजना का नाम बदलने की सनक समझ नहीं आती। इस बिल पर बुधवार को करीब 14 घंटे लंबी चर्चा हुई, जो रात 1:35 बजे तक चली। चर्चा में 98 सांसदों ने हिस्सा लिया। विपक्ष ने मांग की कि प्रस्तावित कानून को स्टैंडिंग कमेटी या संयुक्त संसदीय समिति के पास भेजा जाए, लेकिन लोकसभा अध्यक्ष ने यह कहते हुए मांग खारिज कर दी कि इस पर पहले ही 14 घंटे से ज्यादा बहस हो चुकी है। यह नया कानून 20 साल पुराने मनरेगा (MGNREGA) एक्ट की जगह लेगा।केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने लोकसभा में बिल पर जवाब देते हुए कहा कि सरकार किसी से भेदभाव नहीं करती और बापू हमारी प्रेरणा हैं। उन्होंने कहा कि देश हमारे लिए सिर्फ जमीन का टुकड़ा नहीं है और हमारे विचार संकीर्ण नहीं हैं। जब विपक्ष नारेबाजी कर रहा था, तब भी शिवराज सिंह ने बहस जारी रखने की मांग की। उन्होंने कांग्रेस पर नाम रखने की राजनीति का आरोप लगाते हुए कहा कि कई योजनाएं नेहरू परिवार के नाम पर रखी गईं—राजीव गांधी के नाम पर 55 राज्य योजनाएं, 74 सड़कें और नेहरू जी के नाम पर 15 नेशनल पार्क हैं। उन्होंने कहा कि नाम रखने की सनक कांग्रेस की है। कांग्रेस सांसद केजी वेणुगोपाल ने बिल को समिति के पास भेजने की मांग की थी, लेकिन उसे स्वीकार नहीं किया गया। हंगामे और नारेबाजी के बीच आखिरकार बिल पास हो गया।
Patrakar Vandana singh
|
All Rights Reserved ©2026 MadhyaBharat News.
Created By:
Medha Innovation & Development |