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सिंहस्थ 2028 से पहले सरकार का बड़ा फैसला, लैंड पूलिंग एक्ट वापस
MadhyaPardesh, Simhastha 2028,major decision,Land Pooling Act is withdrawn

मध्य प्रदेश की डॉ. मोहन यादव सरकार ने बड़ा आदेश जारी करते हुए लैंड पूलिंग एक्ट को पूरी तरह वापस ले लिया है। सिंहस्थ 2028 को ध्यान में रखते हुए उज्जैन में इस कानून को लागू किया गया था, लेकिन इसका लगातार विरोध हो रहा था। भारतीय किसान संघ इस एक्ट के खिलाफ आंदोलन की चेतावनी दे रहा था और बीजेपी के कुछ विधायक भी किसानों के समर्थन में सामने आ गए थे। सिंहस्थ 2028 के लिए उज्जैन विकास प्राधिकरण के जरिए किसानों की जमीन को विकसित कर मेले के आयोजन की योजना थी। सरकार ने किसानों को दोहरी मदद का भरोसा दिया था—एक तरफ विकसित जमीन लौटाने और दूसरी तरफ बची जमीन का मुआवजा देने की बात कही गई थी। इसके बावजूद किसान इस योजना से संतुष्ट नहीं थे। मुख्यमंत्री मोहन यादव पहले ही इस एक्ट को खत्म करने की घोषणा कर चुके थे, लेकिन जारी आदेश को लेकर असमंजस बना हुआ था।

नया आदेश जारी, किसान आंदोलन टला

अब नगरीय विकास एवं आवास विभाग ने नया आदेश जारी कर लैंड पूलिंग एक्ट को पूरी तरह निरस्त कर दिया है। उप सचिव सी. के. साधव द्वारा जारी आदेश में साफ कहा गया है कि उज्जैन विकास प्राधिकरण के माध्यम से मध्य प्रदेश नगर एवं ग्राम निवेश अधिनियम 1973 के तहत प्रस्तावित नगर विकास सीमा स्कीम क्रमांक 8, 9, 10 और 11 को संशोधित करने वाला पूर्व आदेश अब पूरी तरह रद्द किया जाता है। सरकार ने यह भी स्पष्ट कर दिया है कि जैसे सिंहस्थ 2016 का आयोजन हुआ था, उसी तरह साल 2028 का सिंहस्थ भी होगा। भारतीय किसान संघ के पदाधिकारी भारत सिंह देश ने सरकार के इस फैसले का स्वागत करते हुए कहा कि यदि यह आदेश वापस नहीं लिया जाता तो 26 दिसंबर से उज्जैन में “घेरा डालो, डेरा डालो” आंदोलन शुरू किया जाता, जिसमें बड़ी संख्या में किसान शामिल होते। सरकार के इस फैसले से किसानों में राहत और संतोष का माहौल है।

Vandana singh 18 December 2025

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