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जॉर्डन के बाद ओमान में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का भव्य स्वागत पाकिस्तान को चिंता में डाल रहा है। पाकिस्तान की सोच के अनुसार मुस्लिम दुनिया को हमेशा भारत को कश्मीर के नजरिए से देखने की आदत रही है, लेकिन ओमान में मोदी को जिस तरह सम्मान और आतिथ्य मिला, उससे पाकिस्तान बुरी तरह बौखलाया हुआ है। पाकिस्तानी एक्सपर्ट कमर चीमा के अनुसार, भारत और ओमान के बीच रिश्तों की मजबूती के पीछे दोनों देशों के रणनीतिक और सुरक्षा हित हैं। स्ट्रेट ऑफ होर्मुज और वेस्टर्न इंडियन ओशन में भारत के 40 प्रतिशत तेल की सुरक्षा, नौसेना सहयोग, मैरिटाइम अवेयरनेस और एंटी-पायरेसी जैसे मुद्दे इन रिश्तों को और महत्वपूर्ण बनाते हैं। ओमान भारत के लिए एक महत्वपूर्ण गेटकीपर का काम करता है, जो आपात स्थिति में पहले ही भारत को आगाह कर सकता है।कमर चीमा ने बताया कि ओमान में भारत की रणनीतिक पहुंच, जैसे दुकम पोर्ट और लॉजिस्टिक एक्सेस, इंडियन नेवी के लिए अहम हैं। दोनों देशों की जॉइंट पेट्रोलिंग और आतंकवाद व स्मगलिंग के खिलाफ सहयोग से क्षेत्र में सुरक्षा बढ़ती है। ओमान गल्फ कोऑपरेशन काउंसिल (GCC) में न्यूट्रल खिलाड़ी है और इजराइल के साथ भी करीबी संबंध रखता है। भारत ने मध्य पूर्व में अपने कदम बढ़ाए हैं जहां इजराइल की पहुंच है, और ओमान के न्यूट्रल होने के कारण यह भारत के लिए एक भरोसेमंद रणनीतिक साथी बन गया है। इस बीच, पाकिस्तान इस मजबूत सहयोग और भारत की बढ़ती भूमिका को लेकर बेहद परेशान नजर आ रहा है।
Patrakar Vandana singh
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