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मुंबई में बिगड़ती हवा पर हाईकोर्ट का सख्त रुख
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मुंबई में हवा की गुणवत्ता लगातार गिर रही है और इसके कारण निर्माण स्थलों पर काम करने वाले मजदूर गंभीर स्वास्थ्य जोखिमों में काम कर रहे हैं। बॉम्बे हाईकोर्ट ने महाराष्ट्र प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (MPCB) और बृहन्मुंबई महानगरपालिका (BMC) को कड़ी फटकार लगाते हुए पूछा कि इन मजदूरों की सुरक्षा के लिए क्या ठोस कदम उठाए गए हैं। अदालत ने कहा कि प्रदूषण की निगरानी सिर्फ कागजों तक सीमित नहीं रहनी चाहिए और मजदूरों को मास्क और अन्य सुरक्षा उपकरण उपलब्ध कराना हर हाल में सुनिश्चित किया जाना चाहिए।

 

चीफ जस्टिस चंद्रशेखर और जस्टिस गौतम अंखड की पीठ ने अधिकारियों को दो टूक निर्देश दिए कि “सभी नागरिकों का स्वास्थ्य का अधिकार मौलिक अधिकार है, चाहे वह अमीर हो या गरीब।” अदालत ने स्पष्ट किया कि मजदूरों की सुरक्षा को नजरअंदाज करना स्वीकार्य नहीं है और इसके लिए तुरंत प्रभावी दिशा-निर्देश जारी किए जाएँ। कोर्ट ने 24 घंटे के भीतर सुरक्षा उपायों की रिपोर्ट प्रस्तुत करने का आदेश दिया।

Priyanshi Chaturvedi 23 December 2025

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