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बांग्लादेश में हिंसा और राजनीतिक उथल-पुथल के बीच शेख हसीना और उनकी पार्टी आवामी लीग की चुनावी वापसी को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं। अगस्त 2024 में तख्तापलट के बाद आवामी लीग पर लगे प्रतिबंध के बावजूद हालिया घटनाक्रम पार्टी के लिए राहत भरे संकेत दे रहे हैं। एनसीपी प्रमुख नाहिद इस्लाम ने सार्वजनिक रूप से कहा है कि यदि शेख हसीना स्वयं चुनाव में न उतरें तो आवामी लीग के चुनाव लड़ने पर उन्हें कोई आपत्ति नहीं है। वहीं, बीएनपी समेत अन्य दलों ने भी आवामी लीग की भागीदारी का विरोध नहीं किया है, जिससे समावेशी चुनाव की संभावना मजबूत होती दिख रही है।
बांग्लादेश की न्यायपालिका के रुख में बदलाव भी आवामी लीग के पक्ष में माना जा रहा है। शेख हसीना के करीबी जुबैर रहमान को नया चीफ जस्टिस बनाए जाने के बाद अदालतों में निष्पक्ष सुनवाई के संकेत मिले हैं। इसके साथ ही अमेरिका, चीन, रूस और भारत जैसे देशों ने शांतिपूर्ण और समावेशी चुनाव की मांग कर अंतरिम सरकार पर दबाव बढ़ा दिया है। उधर, आवामी लीग के साथ पहले चुनाव लड़ चुकी 14 पार्टियों ने एक मजबूत गठबंधन तैयार कर सभी 300 सीटों पर सक्रियता बढ़ा दी है। इन तमाम संकेतों के चलते बांग्लादेश की राजनीति में शेख हसीना और आवामी लीग की वापसी की अटकलें और मजबूत होती जा रही हैं।
Patrakar Priyanshi Chaturvedi
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