Since: 23-09-2009
पंजाब विधानसभा के विशेष सत्र में केंद्र सरकार की ‘जी राम जी’ योजना के खिलाफ प्रस्ताव पारित किए जाने के बाद केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने भोपाल में प्रेस कॉन्फ्रेंस की। उन्होंने मनरेगा को भ्रष्टाचार का पर्याय बताते हुए कहा कि यह योजना अपने उद्देश्य से भटक चुकी है और इससे मजदूरों को अपेक्षित लाभ नहीं मिला। शिवराज ने पंजाब को करप्शन से ग्रसित बताते हुए राज्य में योजनाओं के ऑडिट और कार्रवाई पर सवाल उठाए।
प्रेस कॉन्फ्रेंस में शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि मनरेगा के तहत मजदूरों की जगह मशीनों और ठेकेदारों से काम कराया गया, ओवर स्टेटमेंट बनाए गए और एक ही काम को बार-बार दिखाया गया। उन्होंने आरोप लगाया कि पंजाब में आधे से ज्यादा गांवों का ऑडिट नहीं हुआ है और भ्रष्टाचार के मामलों में कार्रवाई भी नहीं हो रही, जबकि मजदूरों को भुगतान न मिलने की शिकायतें सामने आ रही हैं।
शिवराज सिंह चौहान ने ‘जी राम जी’ योजना को पारदर्शी बताते हुए कहा कि इसके तहत मजदूरों के लिए रोजगार की गारंटी 100 से बढ़ाकर 120 दिन कर दी गई है और जरूरत पड़ने पर बजट भी बढ़ाया जाएगा। उन्होंने प्रशासनिक खर्च 6 फीसदी से बढ़ाकर 9 फीसदी किए जाने की जानकारी दी। साथ ही अमित शाह और मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की सराहना करते हुए कहा कि सरकार तेज गति से काम कर रही है और विकसित भारत के लक्ष्य के लिए यह योजना जरूरी है।
Patrakar Priyanshi Chaturvedi
|
All Rights Reserved ©2026 MadhyaBharat News.
Created By:
Medha Innovation & Development |