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केंद्र की बीजेपी सरकार ने महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम (मनरेगा) योजना का नाम बदलकर "विकसित भारत गारंटी रोजगार आजीविका मिशन ग्रामीण (VB-G-RAM-G)" कर दिया है। इस बिल को पहले लोकसभा में पेश किया गया और पारित होने के बाद राज्यसभा और राष्ट्रपति की मंजूरी के बाद यह अब कानून बन चुका है। कांग्रेस ने इस बदलाव का विरोध शुरू कर दिया है और आरोप लगाया है कि इस कदम से राष्ट्रपिता महात्मा गांधी के नाम का अपमान किया गया है और उनकी पहचान मिटाने की कोशिश की जा रही है। देशभर में कांग्रेस कार्यकर्ता इस बिल के विरोध में सड़कों पर उतर आए हैं और विभिन्न राज्यों में जमकर प्रदर्शन कर रहे हैं।
दिग्विजय सिंह की पैदल यात्रा और जागरूकता अभियान
कांग्रेस नेता और पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ने इस बिल के विरोध में सीहोर जिले की किसी ग्राम पंचायत से पैदल यात्रा निकालने की घोषणा की है। उन्होंने बताया कि यह पदयात्रा 5 जनवरी से शुरू होगी और इसके जरिए लोगों को केंद्र सरकार के इस फैसले के खिलाफ जागरूक किया जाएगा। दिग्विजय सिंह का कहना है कि यह पदयात्रा सिर्फ विरोध जताने के लिए नहीं बल्कि जनता को सचेत करने और उनके अधिकारों के प्रति जागरूक करने के लिए है। उन्होंने यह भी कहा कि मनरेगा योजना का नाम बदलना सिर्फ कानून में बदलाव नहीं है, बल्कि यह सामाजिक और भावनात्मक स्तर पर भी लोगों की संवेदनाओं को ठेस पहुंचा सकता है।
Patrakar Vandana singh
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