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छत्तीसगढ़ शराब घोटाला: ईडी की बड़ी कार्रवाई, 31 अधिकारियों की संपत्तियां कुर्क
Chhattisgarh, liquor scam, ED takes, major action,seizes properties of 31 officials

छत्तीसगढ़ शराब घोटाले में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने बड़ी कार्रवाई करते हुए 31 आबकारी अधिकारियों की लगभग 38.21 करोड़ रुपये की चल-अचल संपत्ति कुर्क की है। इसमें तत्कालीन आबकारी आयुक्त आईएएस निरंजन दास समेत कुल 78 संपत्तियां शामिल हैं। कुर्क की गई संपत्तियों में 21.64 करोड़ रुपये की अचल संपत्ति जैसे कमर्शियल शॉप, लग्जरी बंगले, महंगे फ्लैट और कृषि भूमि शामिल हैं, जबकि 16.56 करोड़ रुपये की चल संपत्ति में फिक्स्ड डिपॉजिट, बैंक खातों में जमा राशि, शेयर, म्यूचुअल फंड और बीमा पॉलिसियां शामिल हैं। ईडी की जांच में पता चला है कि इस घोटाले से राज्य को करीब 2,800 करोड़ रुपये से अधिक का राजस्व नुकसान हुआ। जांच में यह भी सामने आया कि आबकारी विभाग के कुछ वरिष्ठ अधिकारी और राजनीतिक संरक्षण प्राप्त लोग पूरे सिस्टम को अपने कब्जे में लेकर अवैध उगाही कर रहे थे।

अवैध कमाई, रिश्वतखोरी और घोटाले का विस्तार

जांच में यह खुलासा हुआ कि शराब बेचने के दौरान अधिकारियों को प्रति मामले 140 रुपये का कमीशन मिलता था। निरंजन दास ने अकेले 18 करोड़ रुपये से अधिक की अवैध कमाई की और हर महीने करीब 50 लाख रुपये की रिश्वत ली। वर्ष 2019-2022 के दौरान डुप्लिकेट होलोग्राम लगाकर बड़ी मात्रा में अवैध शराब बेची गई, जिससे राज्य को करोड़ों रुपये का नुकसान हुआ। घोटाले की रकम को आरोपियों ने अपने परिजनों के नाम पर निवेश किया। टेंडर दिलाने के एवज में कंपनी के मालिक से कमीशन लिया गया। इस मामले में कांग्रेस विधायक और पूर्व आबकारी मंत्री कवासी लखमा का नाम भी सामने आया, जिन्हें हर महीने कमिशन मिलने का आरोप है। ईडी की कार्रवाई इस घोटाले के पूरे नेटवर्क को उजागर करने और न्याय सुनिश्चित करने की दिशा में अहम कदम साबित हो रही है।

Vandana singh 31 December 2025

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