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मध्य प्रदेश के इंदौर जिले के भागीरथपुरा क्षेत्र में दूषित पानी पीने से सात लोगों की मौत हो गई और 116 से अधिक लोग बीमार हुए। इस घटना के बाद बुधवार, 31 दिसंबर को भागीरथपुरा शासकीय डिस्पेंसरी के बाहर भारी हंगामा हो गया। निरीक्षण के दौरान नगरीय प्रशासन मंत्री कैलाश विजयवर्गीय, महापौर पुष्यमित्र भार्गव और महिला कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष रीना बोरासी आमने-सामने आ गए। कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने डिस्पेंसरी में घुसकर नारेबाजी की, जिससे कुछ समय के लिए अफरा-तफरी की स्थिति बन गई। महापौर पुष्यमित्र भार्गव भी डिस्पेंसरी के अंदर फंस गए, जिन्हें पुलिस और बीजेपी कार्यकर्ताओं ने बाहर निकाला। महिला कांग्रेस अध्यक्ष रीना बोरासी ने प्रशासन पर गंभीर लापरवाही का आरोप लगाया और दोषी अधिकारियों पर तत्काल कार्रवाई तथा पीड़ित परिवारों को उचित मुआवजे की मांग की।
मंत्री ने हालात को नियंत्रण में बताया
नगरीय प्रशासन मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने कहा कि हालात पूरी तरह नियंत्रण में हैं और अस्पतालों में मरीजों की संख्या घट रही है। उन्होंने बताया कि मौसम और वातावरण के कारण कुछ लोगों की तबीयत बिगड़ी थी, लेकिन अब स्थिति स्थिर है। उन्होंने कहा कि प्रशासन ने एहतियात के तौर पर 100 बेड तैयार रखे हैं और बीजेपी कार्यकर्ता लगातार मरीजों की मदद कर रहे हैं। महापौर भार्गव ने बताया कि 36 लोग डिस्चार्ज हो चुके हैं और प्राथमिकता अब लोगों के इलाज की है, बाद में दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि कांग्रेस का प्रदर्शन डिस्पेंसरी के काम में बाधा डाल रहा था, जो जनता के हित में नहीं था।
Patrakar Vandana singh
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