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मध्य प्रदेश ही नहीं, पूरे देश का सबसे स्वच्छ शहर कहे जाने वाले इंदौर में दूषित पानी से लोगों की मौत का मामला लगातार गंभीर होता जा रहा है। आधिकारिक आंकड़ों के मुताबिक अब तक 9 लोगों की मौत हो चुकी है, लेकिन बीजेपी पार्षद कमल वाघेला का दावा है कि इस वजह से 15 लोगों की जान गई और एक शख्स की हालत गंभीर है। इस मामले में पूर्व मुख्यमंत्री और बीजेपी की सीनियर नेता उमा भारती ने मोहन यादव सरकार पर कड़ा प्रहार करते हुए कहा कि इंदौर जैसे स्वच्छ शहर में गंदा और जहरीला पानी पीने से हुई मौतें पूरे प्रशासन और सिस्टम के लिए शर्मनाक हैं। उमा भारती ने कहा कि इस पाप का घोर प्रायश्चित करना होगा और दोषियों को सजा मिलनी चाहिए।
पार्षद का दावा: अफसरों की लापरवाही जानलेवा
वार्ड-11 के बीजेपी पार्षद कमल वाघेला ने बताया कि उन्होंने इस मामले में कई बार लिखित शिकायतें दीं, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। उन्होंने कहा कि नर्मदा की नई पाइपलाइन की फाइल 12 नवंबर 2024 को तैयार थी, लेकिन अफसरों ने सात महीने तक इसे ठंडे बस्ते में डाल दिया। दबाव डालने पर 30 जुलाई 2025 को टेंडर जारी किया गया, लेकिन काम समय पर पूरा नहीं हुआ। वॉर्ड 11 में 29 दिसंबर 2025 से बीमारी फैल गई, जिसके बाद पार्षद ने मुख्यमंत्री को लिखित में शिकायत की। उनका कहना है कि अधिकारियों की लापरवाही आपराधिक कृत्य है और लोकस्वास्थ्य को जानबूझकर खतरे में डाला गया।
उमा भारती का संदेश: माफी और सजा जरूरी
उमा भारती ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर पोस्ट करते हुए कहा कि जिन लोगों की मौत हुई है, उनके परिवार जीवन भर दुःख में रहेंगे, और केवल दो लाख रुपये की मुआवजा राशि जीवन का मूल्य नहीं चुका सकती। उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा कि अपराधियों को अधिकतम दंड देना होगा और पीड़ितों से माफी मांगनी होगी। उमा भारती ने मोहन यादव सरकार को चेतावनी देते हुए कहा कि यह उनकी परीक्षा की घड़ी है और प्रशासन को जिम्मेदारी लेकर लोगों के जीवन की सुरक्षा सुनिश्चित करनी होगी। इस पूरे मामले ने इंदौर की स्वच्छता और प्रशासनिक जवाबदेही पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
Patrakar Vandana singh
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