Since: 23-09-2009
वेनेजुएला के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो को अमेरिकी सेना ने एक विशेष मिशन के तहत हिरासत में लिया। इस ऑपरेशन को ऑपरेशन एब्सोल्यूट-रिजॉल्व (OAR) नाम दिया गया और इसे बेहद गोपनीय तरीके से अंजाम दिया गया। शुक्रवार रात शुरू हुआ यह मिशन शनिवार सुबह तक पूरा हो गया। ऑपरेशन में अमेरिकी सेना, डेल्टा फोर्स, CIA, नेवी और FBI ने मिलकर काम किया। सबसे पहले कई ठिकानों पर हवाई हमले किए गए, ताकि वेनेजुएला का एयर डिफेंस कमजोर हो और डेल्टा फोर्स के हेलीकॉप्टर मादुरो तक बिना रुकावट पहुंच सकें। काराकास के Fuerte Tiuna बेस को मुख्य निशाना बनाया गया, जहां मादुरो मौजूद थे। अमेरिकी डेल्टा फोर्स सिर्फ पांच मिनट में मादुरो और उनकी पत्नी सिलिया फ्लोरेस को पकड़कर सुरक्षित स्थान पर ले गई।
मादुरो को न्यूयॉर्क तक ले जाने की पूरी योजना
मादुरो और उनकी पत्नी को पहले USS Iwo Jima युद्धपोत के जरिए वेनेजुएला से बाहर ले जाया गया। फिर उन्हें ग्वांतानामो नौसैनिक बेस में रखा गया, जहाँ FBI का विशेष बोइंग 757 विमान पहले से तैयार था। इसके बाद उन्हें न्यूयॉर्क के स्टीवर्ट एयरपोर्ट पर लाकर सीधे DEA हेडक्वार्टर ले जाया गया और हेलीकॉप्टर व कार के जरिए Brooklyn Detention Center में रखा गया। CIA ने ऑपरेशन में अहम भूमिका निभाई, मादुरो और उनके करीबी लोगों की गतिविधियों पर महीनों से नजर रखी और सुरक्षा व्यवस्था का पूरा अध्ययन किया। ऑपरेशन की रिहर्सल एक महीने पहले से की गई थी ताकि कोई गलती न हो। अमेरिका के तत्कालीन राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने फ्लोरिडा से लाइव फीड के जरिए पूरे ऑपरेशन की निगरानी की। यह मिशन अब तक की अमेरिकी विदेश नीति की सबसे हाई-प्रोफाइल सैन्य कार्रवाइयों में से एक माना जा रहा है।
Patrakar Vandana singh
|
All Rights Reserved ©2026 MadhyaBharat News.
Created By:
Medha Innovation & Development |