Since: 23-09-2009
छत्तीसगढ़ शराब घोटाले से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के बेटे चैतन्य बघेल को लगभग 170 दिन बाद रायपुर सेंट्रल जेल से रिहा कर दिया गया है। अदालत से जमानत मिलने के बाद जेल से बाहर आए चैतन्य की रिहाई के बाद प्रदेश की राजनीतिक हलचल बढ़ गई है और भाजपा-कांग्रेस आमने-सामने आ गई हैं।
चैतन्य बघेल की रिहाई पर प्रतिक्रिया देते हुए भाजपा प्रदेश प्रवक्ता देवीलाल ठाकुर ने कांग्रेस और भूपेश बघेल पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि शराब घोटाले जैसे गंभीर मामले में भूपेश बघेल अपने बेटे के लिए सक्रिय रहे, जबकि आदिवासी नेता और पूर्व आबकारी मंत्री कवासी लखमा आज भी जेल में हैं। भाजपा ने इसे कांग्रेस की “दोहरी राजनीति” बताते हुए आदिवासी नेताओं के प्रति असंवेदनशीलता का आरोप लगाया।
भाजपा के आरोपों पर वरिष्ठ कांग्रेस नेता टीएस सिंहदेव ने पलटवार किया। उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार जांच एजेंसियों का दुरुपयोग कर रही है और बिना दोष सिद्ध किए लोगों को जेल में रखा जा रहा है। वहीं, राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है, और छत्तीसगढ़ में शराब घोटाले से जुड़े मामलों को लेकर आने वाले दिनों में सियासी माहौल और गर्म होने की संभावना है।
Patrakar Priyanshi Chaturvedi
|
All Rights Reserved ©2026 MadhyaBharat News.
Created By:
Medha Innovation & Development |