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सुप्रीम कोर्ट ने वायु प्रदूषण पर सीएक्यूएम को लगाई फटकार
Supreme Court,CAQM over air pollution

दिल्ली-एनसीआर में वायु प्रदूषण को लेकर मंगलवार को सुप्रीम कोर्ट में अहम सुनवाई हुई। अदालत ने वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (सीएक्यूएम) को कर्तव्य निभाने में असफल रहने पर कड़ी फटकार लगाई। सीएक्यूएम ने दिल्ली बॉर्डर पर मौजूद टोल प्लाजा को अस्थायी रूप से बंद करने या हटाने के लिए 2 महीने का समय मांगा था, जिसे कोर्ट ने ठुकरा दिया। सुप्रीम कोर्ट ने आयोग को निर्देश दिया कि वह चरणबद्ध तरीके से लंबे समय के समाधान पर काम शुरू करे और प्रदूषण की रोकथाम के लिए ठोस कदम उठाए। अदालत ने साफ कहा कि आयोग को टोल प्लाजा के मुद्दे पर विभिन्न हितधारकों के रुख से प्रभावित नहीं होना चाहिए और अपने कर्तव्यों का निष्पक्ष पालन करना चाहिए।

एक्सपर्ट मीटिंग और रिपोर्ट की चेतावनी

 

मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत और न्यायाधीश जॉयमाल्य बागची की पीठ ने सीएक्यूएम को दो हफ्ते में विशेषज्ञों की एक बैठक बुलाने और बढ़ते प्रदूषण के मुख्य कारणों पर एक रिपोर्ट प्रस्तुत करने का निर्देश दिया। कोर्ट ने आयोग से पूछा कि क्या उन्होंने प्रदूषण के कारणों की सही पहचान की है। अदालत ने जोर देकर कहा कि अब तक बहुत सारी जानकारी और सुझाव सार्वजनिक डोमेन में मौजूद हैं, और आयोग को उनका उपयोग करते हुए त्वरित कार्रवाई करनी होगी। सुप्रीम कोर्ट की यह कार्रवाई दिल्ली-एनसीआर के निवासियों के लिए राहत की उम्मीद जगाती है और प्रदूषण नियंत्रण में प्रभावी कदम उठाने की आवश्यकता को स्पष्ट करती है।

Vandana singh 6 January 2026

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