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मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने रविंद्र भवन में आयोजित राज्य स्तरीय क्षमता निर्माण कार्यशाला का शुभारंभ किया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि पहले लोक निर्माण विभाग को केवल नारियल फोड़ने और फीता काटने तक सीमित समझा जाता था, लेकिन अब यह विभाग विकास और नवाचार के कार्य कर रहा है। डॉ. यादव ने कहा कि लोक निर्माण विभाग का मुख्य उद्देश्य जनता के कल्याण के लिए सुविधाओं का निर्माण करना है और यह विभाग समाज को जोड़ने का कार्य करता है। उन्होंने भगवान राम के जीवन का उदाहरण देते हुए कहा कि जैसे राम वनवास से लौटते समय पुष्पक विमान और समुद्र पर सेतु निर्माण जैसी अद्भुत क्षमताओं ने असंभव कार्य संभव किए, आज भी आधुनिक तकनीक से पुल और सड़क निर्माण किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि निर्माण केवल भौतिक नहीं, बल्कि भावनात्मक और आध्यात्मिक जुड़ाव का भी माध्यम है। कार्यशाला में 970 इंजीनियरों ने सुझाव देकर कैपिसिटी बिल्डिंग फ्रेमवर्क दस्तावेज तैयार करने में योगदान दिया, जिसे भविष्य में अन्य विभागों में भी अपनाया जाएगा।
लोक निर्माण विभाग की नई पहल और स्मार्ट ट्रैवल एप
लोक निर्माण मंत्री राकेश सिंह ने बताया कि विभाग का काम केवल सड़क और इमारत निर्माण तक सीमित नहीं है, बल्कि यह प्रदेश की विकास गति और जनता के कल्याण को भी तय करता है। उन्होंने कहा कि सड़कें किसानों को मंडी, बच्चों को स्कूल और उद्योगों को बाजार से जोड़ती हैं। मंत्री ने लोकपथ मोबाइल एप 2.0 की जानकारी भी दी, जो अब केवल शिकायत दर्ज करने का माध्यम नहीं रहेगा, बल्कि नागरिकों के लिए स्मार्ट ट्रैवल पार्टनर के रूप में काम करेगा। इस एप के जरिए सड़क पर 500 मीटर पहले दुर्घटना संभावित क्षेत्रों की जानकारी, अस्पताल, होटल, पर्यटन स्थल, टोल टैक्स, अनुमानित समय, रूट प्लानर और एसओएस इमरजेंसी बटन जैसी सुविधाएं उपलब्ध होंगी। उन्होंने बताया कि अब तक एप पर 12 हजार शिकायतें प्राप्त हुईं, जिनमें से 95 प्रतिशत का समय-सीमा में निराकरण किया गया। यह एप नागरिकों को रियल-टाइम जानकारी और सड़क सुविधाओं से जुड़ी जानकारी उपलब्ध कराएगा, जिससे यात्रियों की सुरक्षा और सुविधा दोनों सुनिश्चित होंगी।
Patrakar Vandana singh
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