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प्रसिद्ध कथावाचक जगद्गुरु रामभद्राचार्य ने AIMIM प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी के उस बयान पर कड़ी आपत्ति जताई है, जिसमें ओवैसी ने हिजाब पहनने वाली बेटी के भविष्य में देश की प्रधानमंत्री बनने की बात कही थी। जयपुर में पत्रकारों से बातचीत करते हुए रामभद्राचार्य ने इस सोच को “दिवास्वप्न” करार दिया। उन्होंने कहा कि भारत में यदि कोई महिला प्रधानमंत्री बनेगी, तो वह साड़ी पहनने वाली महिला होगी। रामभद्राचार्य ने ओवैसी के बयान को दुर्भाग्यपूर्ण बताते हुए कहा कि भारत ने पहले ही सभी समुदायों को सर्वोच्च पदों तक पहुंचने का अवसर दिया है। उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम देश के राष्ट्रपति बने और हामिद अंसारी उपराष्ट्रपति बने, फिर इस तरह के बयान देने की क्या आवश्यकता है।
क्या कहा था ओवैसी ने, बढ़ सकता है विवाद
दरअसल, महाराष्ट्र के सोलापुर में एक रैली के दौरान असदुद्दीन ओवैसी ने कहा था कि पाकिस्तान के संविधान में केवल एक धर्म के व्यक्ति को प्रधानमंत्री बनने की अनुमति है, जबकि बाबा साहब भीमराव आंबेडकर के संविधान के अनुसार भारत का कोई भी नागरिक प्रधानमंत्री, मुख्यमंत्री या महापौर बन सकता है। इसी संदर्भ में उन्होंने कहा था कि उनका सपना है कि एक दिन हिजाब पहनने वाली बेटी इस देश की प्रधानमंत्री बने। ओवैसी का यह बयान सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया, जिसके बाद रामभद्राचार्य की प्रतिक्रिया सामने आई। फिलहाल इस मुद्दे पर किसी अन्य राजनीतिक दल की आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है, लेकिन रामभद्राचार्य के बयान के बाद यह मामला और तूल पकड़ सकता है। रामभद्राचार्य इन दिनों जयपुर प्रवास पर हैं और इससे पहले भी उनके राजनीतिक बयानों को लेकर विवाद होते रहे हैं।
Patrakar Vandana singh
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