Since: 23-09-2009
छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग (CGPSC) भर्ती घोटाले में CBI की जांच के दौरान सरकारी गवाह ‘चंद्राकर’ के चौंकाने वाले बयान सामने आए हैं। गवाह ने दावा किया कि 2021-22 की परीक्षा में कुछ अभ्यर्थियों को पास कराने के लिए 50-60 लाख रुपये में डील हुई थी और प्रभावशाली लोगों के रिश्तेदारों को नौकरी दिलाने के लिए पेपर लीक जैसी योजनाएं बनाई गईं।
गवाह के अनुसार, परीक्षा से एक दिन पहले रायपुर स्थित सिद्धिविनायक मैरिज पैलेस में अभ्यर्थियों को प्रिंटेड प्रश्न रातभर रटवाए गए। इसमें रितेश चंद्राकर, लोकेश चंद्राकर, समीर चंद्राकर और माधुरी साहू जैसे कई नाम शामिल थे। मेन्स परीक्षा में भी कथित रूप से बारनवापारा के रिसॉर्ट में अभ्यर्थियों को रखा गया और फर्जी नामों से उनका रजिस्ट्रेशन किया गया।
सरकारी गवाह ने बताया कि कुछ शिक्षकों को बुलाकर पेपर हल करवाए गए, जिसमें धर्मेन्द्र साहू और परितोष शामिल थे। CBI की चार्जशीट में तत्कालीन चेयरमैन, सचिव और अन्य प्रभावशाली लोगों का नाम भी दर्ज है। अगर आरोप सही पाए गए, तो आयोग की विश्वसनीयता पर गंभीर सवाल उठ सकते हैं।
Patrakar Priyanshi Chaturvedi
|
All Rights Reserved ©2026 MadhyaBharat News.
Created By:
Medha Innovation & Development |