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भारतीय सेना प्रमुख जनरल उपेंद्र द्विवेदी ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि सीमा के उस पार 8 आतंकी ट्रेनिंग कैंप अब भी सक्रिय हैं, जिनमें से 2 अंतरराष्ट्रीय सीमा पर और 6 लाइन ऑफ कंट्रोल (एलओसी) के पास स्थित हैं। सेना इन पर लगातार नजर रख रही है और खुफिया एजेंसियों के इनपुट के आधार पर इनके हर गतिविधि पर पैनी निगरानी है। जनरल द्विवेदी ने कहा कि इन कैंपों में लगभग 100-150 आतंकी हो सकते हैं और अगर कोई उकसावे वाली कार्रवाई होती है, तो भारतीय सेना दुबारा सख्त कार्रवाई करने से पीछे नहीं हटेगी। उन्होंने बताया कि ऑपरेशन सिंदूर के बाद फॉरवर्ड तैनाती को कम किया गया है और अब दोनों देशों की सेनाएं तनाव के समय की गई मूवमेंट के बाद तय स्थानों पर लौट आई हैं।
ऑपरेशन सिंदूर और नई रणनीति की सफलता
जनरल द्विवेदी ने कहा कि ऑपरेशन सिंदूर में 9 लक्ष्यों में से 7 को पूरी तरह ध्वस्त किया गया। यह अभियान 7 मई को शुरू हुआ और 10 मई तक चला, जिससे जम्मू-कश्मीर में स्थिति नियंत्रण में आई। सेना प्रमुख ने स्पष्ट किया कि डीजीएमओ स्तर की बातचीत में परमाणु हथियारों पर कोई चर्चा नहीं हुई और भारत ने पहली बार परमाणु और पारंपरिक युद्ध के बीच की क्षमता का इस्तेमाल करते हुए रणनीतिक कार्रवाई की। उन्होंने पाकिस्तानी ड्रोन गतिविधियों पर भी आपत्ति जताई और कहा कि ऐसी गतिविधियां सेना की तैयारियों की जांच का हिस्सा हो सकती हैं, जिसे भारत ने रोकने के लिए डीजीएमओ स्तर पर सख्त रुख अपनाया है।
Patrakar Vandana singh
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